एफआईआर पर ऋचा जोगी का बड़ा बयान, कहा-न्यायपालिका पर विश्वास है, मुझे कोई डर नहीं



जीपीएम। छत्तीसगढ़ के प्रथम  मुख्यमंत्री स्व.अजीत जोगी की बहू और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी की जाति को लेकर दर्ज हुए एफआईआर पर ऋचा जोगी का बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने न्यायपालिका पर विश्वास जताया है ।

बता दें की मुंगेली जिले में ऋचा जोगी का मायका है जहां उनके जाति को लेकर थाने में एफ आई आर दर्ज कराया गया है । वहीं गुरुवार को जोगी परिवार का गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले  के जोगीसार गांव में नवा खवाई कार्यक्रम था जिसमें जोगी परिवार के द्वारा क्षेत्र के समस्त नागरिकों को आमंत्रित भी किया गया था जिसमें सभी पार्टी के जनप्रतिनिधि भी पहुंचे थे।

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वहीं मीडिया से बात करते हुए ऋचा जोगी ने अपने ऊपर लगे हुए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए न्यायपालिका पर विश्वास जताया है।  उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर लगे हुए आरोप निराधार है मैं आदिवासी जाति की हूं जिसका मेरे पास पूर्ण प्रमाण है जिसे लेकर में कोर्ट जाउंगी ।

ऋचा जोगी ने एफआईआर करने की क्या वजह है पर  कहा मैं  इसे भय के रूप में देखती हूं।  मुझे कोई डर नहीं मेरे पास  सारे प्रूफ है, पूरे दस्तावेज है उसको हम न्यायापालिका में जाकर दिखाएंगे। मुझे न्यापालिका पर पूरा विश्वास है। इस पर क्या बोलूं जिनको इल्जाम लगाना था उन्होंने लगा दिया और हम उसे प्रूफ करेंगे मुझे इसे लेकर कोई डर नहीं।

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जांच में ये बात आई सामने

साल 2020 में मरवाही विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली  थी। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की बहू ऋचा जोगी ने चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया था। प्रस्तुत प्रमाण पत्र में उन्होंने जाति प्रमाण पत्र ऋचा रूपाली साधु के नाम से प्रस्तुत किया था। उच्च स्तरीय प्रमाणन जांच समिति ने वर्ष 2021 में ऋचा जोगी के गोंड अनुसूचित जनजाति का स्थाई प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था।  उस दौरान डीडी सिंह उच्च स्तरीय जांच कमेटी के अध्यक्ष थे। उन्होंने जांच में पाया कि ऋचा जोगी के पिता ईसाई थे। कमेटी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद यह फैसला लिया ।

अधिनियम 2013 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज

सहायक आयुक्त एलआर कुर्रे ने जांच रिपोर्ट के आधार पर ऋचा जोगी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उसने अपनी शिकायत में लिखा है कि ऋचा रूपाली साधु (प्रथम नाम) ने अवैध रूप से अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र तैयार कर उसका उपयोग किया। ऋचा के खिलाफ सामाजिक स्थिति प्रमाणन अधिनियम, 2013 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।