कवर्धा जिले के जंगल में दिखा दुर्लभ सांप, जानिए इसके बारे



 

कवर्धा।  कवर्धा जिले के जंगलों में दुर्लभ वन्य जीव प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं । इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य अविनाश ठाकुर को फोन आया की जोराताल के एक घर में सांप दिखा है जो सामान्य सांपों से अलग दिख रहा है। सर्पमित्र अविनाश ने जाकर देखा तो वह एक दुर्लभ मिलने वाला सांप था जिसका नाम डूमेरिल्स ब्लैक हेडेड स्नैक है जिसके बारे में सर्पमित्र ने वहां लोगों को जानकारी दी कि यह एक बिना जहर वाला सांप है जिसका मुख्य आहार कीट पतंगे हैं प्रायः यह सभी जगह पाया जाता है लेकिन छत्तीसगढ़ के कुछ ही जिलों में इसे देखा गया है।

यह भी पढ़ें…

दुर्लभ प्रजाति के सांप की तस्करी करते 5 आरोपी गिरफ्तार

प्रकृति तंत्र का एक सूचक है

ऐसे विभिन्न जीवो का मिलना कवर्धा के स्वस्थ प्रकृति तंत्र का एक सूचक है । इसके पहले भी कवर्धा में दुर्लभ छिपकली सतपुड़ा लियोपैड गेको की खोज भोरमदेव अभ्यारण से की गई है ।  इस तरह नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य अविनाश सर्प रेस्क्यू कर लोगों को जागरूक कर वन्य जीव संरक्षण में लगे रहते हैं । नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में अपनी सेवा दे रहा है और बहुत सारे जागरूक ता अभियान चलाकर लोगों और वन्य जीवो में सामंजस्य स्थापित कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें…

राजधानी में सांपों का भी संरक्षण जरूरी है, बिना उनके हमारा अस्तित्व भी खतरे में है

डूमेरिल्स ब्लैक हेडेड स्नैक के बारे

डूमेरिल्स ब्लैक हेडेड स्नैक  को जार्डन्स मेनी टूथ्ड स्नैक के नाम से भी जाना जाता है। ये विषहीन होते हैं और छिपकली, गिरगिट व अन्य छोटे सांपों का शिकार करते है। इसकी लंबाई 30 सेमी तक होती है। अक्षय के मुताबिक दंतेवाड़ा के जंगल जीवों की विविध प्रजातियों से भरे पड़े हैं, पर शोध की कमी के कारण राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम नहीं आ पाता। यह सर्प आम जनजीवन में बहुत कम देखने को मिलते हैं।

यह भी पढ़ें…

Korba’s King Cobra : कोरबा का किंग कोबरा क्यों सर्पमित्र पर झपटा…जानें