कोरबा : पोस्टिंग के बाद 6 माह से नहीं पहुंचा स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाह चिकित्सक.. आते ही ग्रामीणों ने चिकित्सक को लगाई फटकार.. वीडियो बनाकर किया वॉयरल…


कोरबा 13 सितंबर 2022 (सेंट्रल छत्तीसगढ़) : भारत एक विकासशील देश है। यहाँ लगभग दो तिहाई आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, कि अन्य सेवाओं की तरह चिकित्सा सेवाओं की स्थिति भी हमारे देश में बहुत अच्छी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो और भी बुरा हाल है। ग्रामीण जनता को अपने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए शहरों की तरफ भागना पड़ता है। कई बार तो उन्हें झोलाछाप डॉक्टरों की सेवाएं लेने को विवश होना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उन्हें अनेकों बार अपनी मेहनत की कमाई गंवाने के साथ ही अपनी जान भी गंवानी पड़ती है।

ऐसा ही ताज़ा मामला कोरबा जिले के पोंडी उपरोड़ा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम सिरमिना से सामने आया आया है जहां अपनी ड्यूटी को लेकर मनमानी करने वाले एक चिकित्सक को ग्रामीणों ने जमकर सबक सिखाया। डॉक्टर के गांव में आने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। और जमकर खरी-खोटी सुनाई। आरोप है कि चिकित्सक द्वारा अस्पताल में पोस्टिंग के बाद से ही मनमानी किया जा रहा है। पिछले 6 माह से डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्र ही नहीं पहुंचे। इलाज के लिए ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा है। इस बात से नाराज लोगों ने चिकित्सक को जमकर फटकार लगाई और मोबाइल पर उसका वीडियो भी बना लिया।

जिले के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ व्यवस्था पूरी तरह चरमराई

कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही चरमराई हुई है। ऐसे में कुछ चिकित्सकों की मनमानी ने ग्रामीणों के मुश्किल और बढ़ा दी है। ऐसे ही एक लापरवाह चिकित्सक की कारगुजारी सामने आई है। मामला पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के सिरमिना गांव में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। ग्रामीणों के मुताबिक पीएचसी हॉस्पिटल में डॉ सुनील ठाकुर की पद स्थापना हुई थी। तब से ही उनके द्वारा लगातार मनमानी की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई महीने तक डॉक्टर साहब अस्पताल ही नहीं पहुंचे। पिछले 6 माह से ग्रामीणों ने डॉ ठाकुर का चेहरा भी नहीं देखा है। चिकित्सक की इस मनमानी के कारण गांव के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। चिकित्सा सुविधा के अभाव में मामूली बीमारी के लिए भी उन्हें कोरिया बैकुंठपुर जाना पड़ता है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार डॉक्टर की मनमानी को देखते हुए ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। बीते दिनों महा टीकाकरण अभियान चलाया गया। सिरमिना गांव के पीएचसी हॉस्पिटल में भी टीकाकरण किया जाना था। प्रशासनिक आदेश मिलने पर लापरवाह डॉ ठाकुर गांव पहुंचे। इस बात से बेखबर कि इस बार उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। डॉ ठाकुर को देखते ही गांव के लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान डॉक्टर साहब अपनी अलग ही दलील देते नजर आए।

सुविधाओ का अभाव बता कोरिया जिले से आते है डॉक्टर साहब

चिकित्सक सुनील ठाकुर की पोस्टिंग कोरबा जिले के सिरमीना गांव के पीएचसी में है। ग्रामीणों ने गांव में ही उनके लिए मकान उपलब्ध कराया था। कुछ दिन रहने के बाद डॉक्टर सुनील ठाकुर ने सुविधाओं का अभाव बताते हुए आवास छोड़ दिया और कोरिया जिले के बचरापोड़ी में रहने लगे। इसके बाद से ही डॉक्टर की लापरवाही शुरू हो गई। आरोप है कि चिकित्सक द्वारा अपनी सहूलियत के अनुसार काम किया जाता है। ग्रामीणों ने कई बार उन्हें अपनी समस्या से अवगत भी कराया। मगर चिकित्सक की सेहत पर कोई असर नहीं हुआ। उनकी मनमानी के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि ग्रामीणों ने एकजुट होकर जब लापरवाह चिकित्सकों को खरी खोटी सुनाई। तो उन्होंने आगे से ऐसी गलती नहीं करने की बात कही है।