तीन लाख के इनामी नक्सली ने किया आत्मसमर्पण



RAIPUR: छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिसा राज्य में अपने नक्सल हमलों को अंजाम देने व 20 वर्षो से लगातार सक्रिय रहने वाले चंदामेटा जनताना सरकार में प्रमुख ने सीआरपीएफ 80 बटालियन के अधिकारियों के संपर्क में आकर समर्पण कर दिया, मामले में पुलिस विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर पुलिस के अभियान से प्रभावित होकर एवं नक्सलियों की खोखली विचारधारो से त्रस्त होकर पिछले 2 दशक से सक्रिय माओवादी पाण्डु गांजा मडकामी के द्वारा शुकवार को पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा एवं 80वीं वाहिनीं बटालियन सीआरपीएफ नरेन्द्र कुमार सिंह के समक्ष स्वेच्छा पूर्वक आत्मसमर्पण किया।

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ज्ञात हो कि आत्मसर्मिपत माओवादी पाण्डु गांजा मडकामी जो करीब 20 वर्ष से माओवादियों के बहकावे में आकर माओवादी संगठन जिसमें जनमिलिशिया सदस्य, कांगेर वेली एरिया कमेटी एवं चांदामेटा जनताना सरकार के प्रमुख के पद पर रहते हुए शासन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त था। आत्म समर्पित माओवादी पाण्डु मडकामी जो लगभग 20 वर्ष से शासन की मुख्य धारा से भटक कर कई आपराधिक वारदात में संलिप्त रहा है। आत्मसमर्पित माओवादी को छ. ग. शासन के पुनर्वास नीति के तहत 10 हजार रूपये दिया गया, इसके अलावा आत्मसमर्पित नक्सली के ऊपर 3 लाख रूपये का इनाम भी था।

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