*देखिये वीडियो:-ग्रामीण ओलंपिक के नाम पर पाठ क्षेत्र के खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार,वीडियो हुआ वायरल…इस ग्राम पंचायत के नाराज खिलाड़ियों ने खेल का कर दिया बहिष्कार,आयोजको के व्यवहार से खिलाड़ी हुए आहत,कहा पाठ क्षेत्र के साथ इन सबने किया है अन्याय,इसी वजह से आज नही गये खेल में भाग लेने…ग्राउंड जीरो न्यूज में देखिये आयोजकों के लापरवाही से सरकार की कैसे हो रही फजीहत*



जशपुर/बगीचा(राकेश गुप्ता की रिपोर्ट):- इन दिनों पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया ऑलम्पिक खेल प्रतियोगिता 2022-23 का आयोजन पूरे प्रदेश में किया गया है।जिसमें पूरे प्रदेश के गांव गांव के बच्चे से लेकर बूढ़े तक के खिलाड़ियों ने इस योजना में भाग लिया है।परन्तु हम बात कर रहे हैं जशपुर जिले की जहां जब से यह खेल शुरू हुई है तब से ही सरकार की किरकिरी हो रही है।

हम बात कर रहे हैं जशपुर जिले के बगीचा ब्लाक की जहां ब्लाक स्तरीय छत्तीसगढिया ऑलम्पिक खेल प्रतियोगिता जिले के महादेवडाँड़ में संचालित हो रही थी।वहीं इसी से जुड़ा एक और बड़ा खबर निकल कर आया है जहां बताया जा रहा है कि पाठ क्षेत्र के ग्राम पंचायत चम्पा के अलावा और भी कुछ गांव के जॉन स्तर में चयनित खिलाड़ीयों ने ब्लाक स्तरीय खेल में दो दिन जाने के बाद वहां के आयोजकों के व्यवहार से नाराज हो कर सरकार द्वारा आयोजित इस ऑलम्पिक खेल का बहिष्कार कर दिया है और आज फाइनल में खिलाड़ियों ने भाग भी नही लिया है।चम्पा के राजीव गांधी युवा मितान के अध्यक्ष सन्तु पैंकरा और खिलाड़ियों ने कहा कि महादेवडाँड़ में आयोजित खेल के ऑर्गनाइजरों के द्वारा हमारे क्षेत्र के खिलाड़ियों के साथ बहुत अन्याय किया गया है।जहां मैदान में हमारे क्षेत्र के खिलाड़ियों के मौजूद रहने के बाद भी पक्षपात पूर्ण खिलाड़ियों को लगातार कई खेल में अनुपस्थित बता कर लोकल निचघाट वाले खिलाड़ियों को जीता दिया जा रहा था।जहां पाठ क्षेत्र के खिलाड़ियों को एक खेल में चार चार राउंड खिलाया जाता था तो उनके अपने क्षेत्र के बच्चों को मात्र एक राउंड में ही फाइनल कर दिया जा रहा था।जिसे लेकर हमारे द्वारा आपत्ति दर्ज करने पर वहां मौजूद पीटीआई वगैरा आयोजकों ने हमसे दुर्व्यवहार किया जाने लगा।कारण यह था कि वहां जो आयोजक थे वह सभी लोकल थे और अपने गांव यानी कि निचघाट के खिलाड़ियों को ज्यादा तबज्जू दे रहे थे और हमारे द्वारा आपत्ति करने पर हमसे दुर्व्यवहार कर रहे थे।यही वजह है कि हम लोग चम्पा से आज फाइनल खेल में भाग नही लिए और इस खेल का बहिष्कार कर दिए।

बहरहाल कारण जो कुछ भी हो परन्तु वायरल वीडियो में देख कर स्पष्ट समझा जा सकता है कि वहां मंच पर मौजूद आयोजकों ने खिलाड़ियों से किस प्रकार से दुर्व्यवहार किया है। भूपेश सरकार द्वारा यह सदियों पुरानी परंपरा के सबसे रमणीय हिस्सों में से एक – पारंपरिक खेलों – को भव्य तरीके से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन करके पुनर्जीवित करने के लिए और ग्रामीण इलाकों में बच्चे, बुजुर्ग और युवा- सभी के मनोरंजन, शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य रखने के उद्देश्य से खेल शुरुवात किया गया है परन्तु इस खेल में भी कुछ आयोजकों के गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण दुर्व्यवहार करके खिलाड़ियों को आहत पहुंचाया जा रहा है जिससे सीधे तौर पर सरकार की ही फजीहत हो रही है।

*वहीं इस मामले में जब हमने बगीचा जनपद पंचायत के जनपद सीईओ विनोद सिंह से बात किया तो उन्होंने बताया कि हमारे पास ऐसा कोई शिकायत नही आया जबकि हम लोग तीनो दिन वहीं मौजूद रह कर खेल को संम्पन्न कराये हैं और अगर इस तरह का कोई बात था तो खिलाड़ियों को मुझे अवगत कराना था।*