नए साल में लगेगा बिजली का झटका, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा भार

CG News Today



रायपुर।  नए साल में आम जनता को बिजली का झटका लगने वाली है।  दरअसल छत्तीसगढ़ में बिजली के रेट बढ़ाने की घोषणा कर दी गई है। दिसंबर और जनवरी का बिजली बिल प्रदेश के 55 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 49 पैसे महंगा पड़ेगा। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने वीसीए चार्ज बढ़ाने की घोषणा की है। पिछले चार महीने में यह दूसरी बार है, जब बिजली बिल वीसीए चार्ज की वजह से बढ़ाया जा रहा है ।

प्रति यूनिट देने होंगे इतने पैसे

जानकारी के अनुसार अगस्त और सितंबर में खरीदी गई बिजली महंगी मिली है। बिजली के लिए जो पैसे ज्यादा दिए गए हैं, उसे एडजस्ट करने के लिए ही वीसीए चार्ज में 0.49 रुपए प्रति यूनिट की वृद्धि की जा रही है।

बिजली कंपनी अभी तक उपभोक्ताओं से 0.61 रुपए प्रति यूनिट की दर से वीसीए चार्ज ले रही है। दिसंबर और जनवरी के लिए यह बढ़कर 1.10 रुपए प्रति यूनिट हो जाएगी।  यानी उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 0.49 रुपए प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

इससे पहले बिजली कंपनी ने सितंबर 2022 में भी वीसीए चार्ज 0.23 रुपए प्रति यूनिट की वृद्धि की थी। प्रति यूनिट 49 पैसे की वृद्धि का भार अलग-अलग खपत वाले उउपभोक्ताओं के लिए भिन्न होगा। जैसे 100 यूनिट की खपत वाले उपभोक्ताओं का बिल 400 रुपए आता है।

50 फीसदी हाफ रेट के बाद बिल 200 रुपए का आता है। इस बिल पर अब उपभोक्ताओं को 49 रुपए अतिरिक्त देना पड़ेगा। इसी तरह 200 यूनिट की खपत पर बिल करीब 800 का बिल आता है। 50 फीसदी छूट के बाद बिल करीब 400 रुपए का आएगा। इस खपत पर 98 रुपए अतिरिक्त वीसीए चार्ज लिया जाएगा।

इसी तरह जैसे-जैसे खपत बढ़ती जाएगी, वीसीए चार्ज खपत के अनुपात में बढ़ता जाएगा। यानी जिनका बिल ज्यादा होगा, उन्हें वीसीए चार्ज भी ज्यादा देना होगा। हालांकि बढ़ती महंगाई में एक और झटका जनता को लगा है ।

 

बिजली बिल के दाम बढ़ने से विपक्ष ने जताया आक्रोश

बिजली बिल के दामों में बढ़ोतरी को लेकर भाजपा सरकार को घेरने में जुट गई है।  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने प्रदेश सरकार पर तंज कसा है ।  उन्होंने कहा है कि बिजली बिल हाफ करने का नाम लेकर के सत्ता में आई प्रदेश सरकार ने लगातार बिजली बिल में वृद्धि करके जनता के साथ अन्याय कर रही है।

महंगाई के नाम पर छाती पीटने वाले लोग लगातार बिजली का बिल बढ़ाकर जनता के साथ अन्याय कर रहे हैं। उस छत्तीसगढ़ में जो बिजली के मामले में सम्पन्न है, वहां बिजली दर वृद्धि जनता के साथ अत्याचार है, अन्याय है। तो वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिजली बिल के दाम में हो रही बढ़ोतरी को लेकर केंद्र और पूर्ववर्ती सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।  मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में तेलंगाना के साथ बिजली के लिए एग्रीमेंट किया था।

अटल बिहारी बाजपाई थर्मल पावर प्लांट जो देश का सबसे बड़ा पावर प्लांट है मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी महंगी और ज्यादा महंगा पावर प्लांट है इस पर उत्पादन लागत भी काफी लगता है।

अब इस प्लान के लिए तेलंगाना ने महंगा बिजी ले लिए हैं, लेकिन पैसे कि भुगतान नहीं कर पा रहे हैं जिस पर वसूली की प्रक्रिया चल रही है ।