न रमन और न भूपेश राज में इस शहीद के नाम हुआ कोई भी सरकारी भवन। – छ.ग.का नंबर 1 न्यूज़ पोर्टल


बिलासपुर।जनसंवाद। तरुण कौशिक
आज हम सब आजादी के 75 वें महापर्व मनाने की तैयारी जोरशोर से कर रहे है लेकिन आज भी कई ऐसे शहीद परिवार है जो अपने शहीद बेटा,पति, पिता और भाई के मान- सम्मान के लिए सरकार से और प्रशासनिक तंत्र से लड़ने विवश है मगर हमारे देश और प्रदेश के लिए शहीद हुए परिजनों को केवल गणतंत्र और स्वंतत्रता एवं शहीद दिवस के दिन ही याद किया जाता है बाकी दिनों इन लोगों की याद किसी को नहीं आती है।
इसी कड़ी में बिलासपुर के तारबाहर इंदिरा कालोनी निवासी सुरत लाल प्रधान का बड़ा पुत्र अश्वनी प्रधान नक्सलियों से लड़ते हुए बस्तर में शहीद हो गए मगर आज तक इनके नाम से कोई भी सरकारी भवन को शहीद अश्वनी के नाम पर नहीं किया गया। स्थानीय मोहल्ले के स्कूल को इनके नाम से करने की मांग छत्तीसगढ़िया एकता मंच ने लगातार पूर्ववर्ती भाजपा सरकार से लेकर वर्तमान कांग्रेस सरकार से की गई परंतु दोनों सरकार के कार्यकाल में स्कूल को शहीद अश्वनी प्रधान के नाम पर करने के लिए केवल सरकारी कागजो में कार्रवाई की गई और आज कांग्रेस सरकार में जिस स्कूल को शहीद के नाम पर करने की गई, उसे कांग्रेस सरकार में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल बनाकर स्कूल के बाजू में रहने वाले शहीद अश्वनी प्रधान के नाम पर नामकरण न कर कांग्रेस के एक मुस्लिम वर्ग के वरिष्ठ नेता के नाम पर नामकरण किया गया। जबकि सरकार और प्रशासन शहीदों के याद में शहरों में मूर्तियां स्थापित कर चौक चौराहों को शहीद के नाम पर कर रहे है लेकिन वाह रे रमन और भूपेश सरकार शहीद अश्वनी को भूलकर राजनीति खेल खेल रहे है। निश्चित रुप से आज बिलासपुर खासकर तारबाहर क्षेत्रवासियों के लिए शर्म की बात है कि बस्तर में शहीद हुए अश्वनी प्रधान को सरकार ही नहीं बल्कि स्थानीय जिला प्रशासन भूल गए और शहीद अश्वनी के भाई अविनाश प्रधान को अनुकम्पा नियुक्ति ,माता- पिता को पेंशन देकर सम्मानित किए है बाकि कुछ नहीं। जबकि छत्तीसगढ़िया एकता मंच ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखे पत्र में कहा है कि आदिवासी वर्ग की सम्मान कांग्रेस सरकार करती आ रही है तो ऐसे में आदिवासी परिवार का लाल अश्वनी प्रधान के शहीद होने पर पडोस के सरकारी स्कूल को इनके नाम पर नहीं किया गया तो कम से कम एक प्रतिमा स्थापित कर इनके नाम से बिलासपुर शहर के कोई भी चौक चौराहे का नामकरण शहीद अश्वनी प्रधान के नाम से किया जाना शहीद अश्वनी को हम सब की सच्ची श्रद्धांजलि होगी लेकिन न जाने क्यों कांग्रेस सरकार भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है।