प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को नहीं खिला रहे


 

बिलासपुर। Chhattisgarh Health News : बच्चों के पेट में कीड़े यानि की कृमि होने से उसकी नियंत्रण के लिए सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दवा दिए जाते हैं।  वहीं बिलासपुर जिले में भी बच्चों को कृमि नियंत्रण दवाई दिए जा रहे हैं, लेकिन पिछले बार हुए नसबंदी कांड के जहरीले सिप्रोसिन ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है, आलम ये है कि अभी तक लोगों के मन से सरकारी दवा का डर गया नहीं है।

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शासन ने कृमि नियंत्रण के लिए स्कूलों में 19 साल तक के सभी विद्यार्थियों को कृमि नियंत्रण की दवा खिलाने कहा है लेकिन स्कूल प्रबंधन इस कदर सकते में है कि विद्यार्थियों को कृमि नाशक दवा का सेवन ही नहीं करा रहे हैं। वहीं कुछ निजी स्कूल प्रबंधन इसके लिए बच्चों के पालकों को फार्म भेजकर दवा के लिए सहमति मांग रहे हैं।

वहीं सरकारी स्कूलों में शासन के आदेश के अनुसार बच्चों को दवा खाने के लिए दे रहे जिससे की इस तरह की कोई सहमति लेने या देने की जरूरत नहीं पड़ रही है। वहीं इस मामले में सीएमएचओ का कहना है कि बीएमओ के माध्यम से स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगेंगे। इसके अलावा परिजन स्कूल प्रबंधन के इस तरह के फैसले को लेकर कह रहे हैं कि अगर बच्चों को कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।