मोहन मरकाम की कोंडागांव से माँ दंतेश्वरी धाम दंतेवाड़ा तक धार्मिक पदयात्रा हुई प्रारम्भ’



*मोहन मारकम की पदयात्रा में भयभीत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव नही हुवे शामिल’

  • भाजपा नेताओ से भारी नाराज़ है आदिवासी समाज’

रायपुर 27 सितंबर 2022। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम की चार दिवसीय मनोकामना पदयात्रा आज सुबह शीतला मंदिर कोंडागांव से पूजा अर्चना करके निकली यह पदयात्रा दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा तक तक होगी। प्रथम दिवस का रात्रि पड़ाव 51 किलोमीटर तय कर ली गयी। पदयात्रा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा यह यात्रा धार्मिक यात्रा है हम छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़वासियों की सुख शांति और समृद्धि की मनोकामना को लेकर निकले हैं अगर भाजपा भी यह चाहती है तो हम उनका भी स्वागत करते हैं परन्तु भाजपा इस धार्मिक यात्रा को राजनीती से जोड़ने का अनर्गल प्रयास न करे और उनके नेताओ से भी पुनः आग्रह है कि वे भी छत्तीसगढ़वासियों की उन्नति समृद्धि खुशहाली के लिए इस पदयात्रा में शामिल होवे पदयात्रा के भानपुरी पहुंचने पर नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप की अगुआई मे स्थानीय जनों द्वारा स्वागत किया गया विधायक चंदन कश्यप भी स्वयं पदयात्री बन 2 किलोमीटर चले। आज दूसरे दिन मनोकामना पदयात्रा का स्वागत जगदलपुर विधायक, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, महापौर सफ़ीरा साहू, ज़िला अध्यक्ष राजीव शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे प्रदेश की खुशहाली तरक्की की कामना लेकर पदयात्रा पर कोंडागांव से दंतेवाड़ा के लिये निकले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम का पंडरीपानी में जगदलपुर जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम व सांसद प्रतिनिधि सुशील मौर्य एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। जगदलपुर जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम व सुशील मौर्य के द्वारा पुष्पहार व आतिशबाजी के साथ अतिथियों का स्वागत किया पदयात्रा में ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बलराम मौर्य द्वारा भव्य स्वागत किया गया। आज कि पदयात्रा 50 किमी की होगी।

पदयात्रा के मीडिया प्रभारी विकास तिवारी ने बताया की आज की पदयात्रा में लोगो के बीच ग़ज़ब का उत्साह था सुबह से ही सैकडो की तादात में दंतेश्वरी माता के भक्त गण पदयात्रा में शामिल हुवे लेकिन मोहन मारकम की इस धार्मिक पदयात्रा को झूठा कहने वाले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव भयभीत होने के कारण शामिल नहीं हुवे भाजपा के यह समझ आ गया है कि अरुण साव के बड़बोले बयानबाज़ी से प्रदेश के आदिवासी समाज में नाराज़गी है।