राजधानी में 26 से तीन दिवसीय जैन भगवती दीक्षा महोत्सव का आयोजन



 

रायपुर।  जिस उम्र में दुनिया वैभव, पैसा और प्रेम को पाने की अभिलाषा लेकर सफलता पाने की दीवानी होती है। उस उम्र में कुछ ऐसी भी महान आत्माएं हैं जिनके लिए प्रभु की तपस्या और धर्म का प्रचार ही एक मात्र उद्देश्य होता है, उनके लिए दुनिया की भौतिक सुख सुविधाएं नगन्य हो जाती हैं । इसका जीता जागता उदाहरण हमें 26 से 28 नवम्बर तक जैन दादाबाड़ी एमजी रोड में जैन भागवती दीक्षा महोत्सव में देखने को मिलेगा ।

मुमुक्षु मुस्कान,मुमुक्षु मनीषा साध्वी का जीवन व्यतीत करेंगी

जैन भागवती दीक्षा महोत्सव आचार्य विजयराज जी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी महाश्रमणीरत्ना प्रभावती जी म.सा. और महासती  कीर्तिश्री  म.सा. के सानिध्य में आयोजित किया जाएगा।

साधुमार्गी शांतक्रांति जैन श्रावक संघ, रायपुर में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव में रायपुर की मुमुक्षु मुस्कान और जिला धमतरी की  मुमुक्षु मनीषा दीक्षा ग्रहण कर एक साध्वी का जीवन व्यतीत करेंगी।

11 फरवरी 2000 में जन्मी मुमुक्षु मुस्कान ने हायर सेकेंडरी की शिक्षा प्राप्त करने के साथ दशवैकालिक 4 अध्ययन, पुच्छिंसुणं, उववाई, उत्तराध्ययन सूत्र 10 अध्ययन, 25 बोल, श्रमण प्रतिक्रमण और उत्तराध्ययन का धार्मिक अध्ययन किया है ।

साथ ही 4 वर्ष वैराग्य काल व्यतीत करने के पश्चात उनके जीवन में ऐसा बदलाव आया कि उन्होंने दीक्षा लेने का निर्णय लिया ।

साथ ही 25 जून 1993 को जन्मी मुमुक्षु  मनीषा  ने डी-फार्मा और बीएएमएस की व्यावहारिक शिक्षा ग्रहण की है।

लगभग 1 वर्ष तक इन्होने श्रमण प्रतिक्रमण, 25 बोल, 8 कर्म प्रकृति, 67 बोल, 5 समिति, 3 गुप्ति, लघु दण्डक, गतागत, पुच्छिंसुणं, दशवैकालिक के 4 अध्ययन, 33 बोल आदि पुस्तकों का धार्मिक अध्ययन किया है ।

दीक्षा महोत्सव का शुभारम्भ 26 नवम्बर दिन शनिवार को मुंबई के जैन स्टार विक्की डी पारेख के भक्ति संध्या के साथ किया जाएगा।

दूसरे दिन 27 नवम्बर को  जैन मंदिर विवेकानंद नगर से जैन दादाबाड़ी तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और शाम को 6 बजे मुमुक्षु अभिनंदन का आयोजन किया जाएगा ।

महोत्सव के अंतिम दिन जैन भागवती दीक्षा महोत्सव का आयोजन 28 नवम्बर को कई चरणों में संपन्न होगा ।

महाभिनिष्क्रमण यात्रा और प्रव्रज्या प्रदात्री – महाश्रमणी रत्ना ,  प्रभावती जी म.सा. प्रवज्या प्रत्याख्यान जैन दादाबाड़ी एम. जी. रोड में संपन्न होगा।