राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग दल पहुंचा रायपुर, बालिका से हुए रेप मामले में करेगा जांच…



रायपुर।  राजधानी रायपुर में मंगलवार को  राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का दल पहुंचा है। दरअसल यह टीम हाल ही में हुई बालिका गृह में नाबालिग से दुष्कर्म मामले की जांच करेगी ।

बता दें कि बालिका गृह में दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई थी नाबालिग। लेकिन इस मामले को अधिकारियों ने महीनों तक दबा कर रखा था ।  यह पूरा मामला माना SOS बालिका आश्रम का है  जहां एक नाबालिग से दुष्कर्म हुआ था। दुष्कर्म के बाद नाबालिग गर्भवती हुई थी। नाबलिग द्वारा जन्मे बच्चे की मौत हो चुकी है। इस मामले में जिस आरोपी को ​गिरफ्तार कर जेल में भेजा गया है, उसका डीएनए नाबालिग के मृत बच्चे से मैच नहीं कर रहा है।

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गौरतलब है कि माना SOS बालिका गृह में 14 साल की नाबालिग से दुष्कर्म हुआ था, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण इकाई ने इस मामले को दबा कर रखा था। बच्ची जब 6 माह की गर्भवती हो गई तब जाकर पुलिस को जानकारी देकर एफआइआर दर्ज कराई गई लेकिन इस मामले में यह पता लगाने की कोशिश नहीं की गई की इस मामले में और कौन-कौन संल्पित है।

पूरे मामले में अब यह उठ रहे हैं सवाल

-बच्चे और आरोपी का डीएनए मैच नहीं हुआ, तो आखिर कौन है जन्म लेने वाले बच्चे का पिता।

– देर से पुलिस में शिकायत करने वाले एनजीओ संचालकों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।