संतो के आशीर्वाद और सानिध्य से जीवन में होती है आनंद की अनुभूति – अंकित।


बिलासपुर।जनसंवाद।तरुण कौशिक

जिला पंचायत सभापति ने श्री परशुराम सेवा समिति के द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव में शिरकत किया। व्यास पीठ और परम श्रद्धेय आचार्य मृदुल कृष्ण को प्रणाम कर प्रदेश और जिले में अमन चैन का आशीर्वाद मांगा उपस्थित लोगों ने भी अंकित गौरहा का स्वागत किया है। गौरहा ने कहा की संतो के आशीर्वाद और सानिध्य से जीवन में आनंद की अनुभूति होती हैं और कथा पुराण से हमें एक और नेक बनने की सीख मिलती है। हमें श्रीमद्भागवत कथा संदेश को अपनाने की जरूरत है। इसके बाद जीवन और संघर्ष सब कुछ सरल हो जाएगा।

                आचार्य मृदुल कृष्ण महाराज ने श्रीमद् भागवत महापुराण कथा महोत्सव के तृतीय दिवस पर श्रीमद् भागवत् सप्ताह कथा तृतीय दिवस पर कहा की बिना पोस्ट मैन के ही पहुँचने वाला पत्र हे 'प्रार्थना' प्रार्थना एक ऐसी संस्तुति है जो अपने इष्ट के प्रति बिना किसी देरी के बिना किसी के सहारे तत्क्षण परमात्मा के पास पहुँच जाती है। उन्होंने बताया कि संसार की किसी वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिये पोस्टमैन की आवश्यकता पड़ती हैं,लेकिन हृदय से समर्पित की गई प्रार्थना एक ऐसी अभिव्यक्ति है जो बिना किसी पोस्टमैन के ही तत्क्षण गन्तव्य स्थान तक पहुच जाती है। आचार्य ने बताया कि प्रभु के दर्शन के लिये व्यक्ति को सत्संग सेवा सुमिरन में हमेशा लीन रहना चाहिये और अपने को मानव बनाने का प्रयत्न करो तुम यदि इसमें सफल हो गये तो तुम्हे इस कार्य में सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होगी। कुसंगति की अपेक्षा अकेले रहना

सबसे उत्तम कार्य हैं।

      इस अवसर पर आयोजन समिति के राजा अवस्थी,अभिनव तिवारी, शिवा नायडू व भारी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहें।