संरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण करना पड़ा महंगा,8 ग्रामीणों को भेजा गया जेल।



पीपलखुंटा जंगल सर्कल कक्ष क्रमांक 1212 एवं 1277 मे कर रहे थे अवैध अतिक्रमण

तीरथ दंता जनसंवाद गरियाबंद

मैनपुर – वन परिक्षेत्र इंदागांव (धुर्वागुड़ी) के अंतर्गत पीपलखुटा सर्कल कक्ष क्रमांक 1212 एवं 1277 संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध तरीके से अतिक्रमण करना ग्रामीणों को महंगा पड़ गया जहां वन विभाग की टीम द्वारा अवैध तरीके से अतिक्रमण कर अवैध कटाई करने वाले 8 ग्रामीणों को बीते दिनों वन विभाग द्वारा कार्यवाही कर न्यायालय में पेश कर जेल भेजे जाने की जानकारी मिली है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 26.09.2022 को वनरक्षक एवं सुरक्षा श्रमिकों के गश्ती के दौरान उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत पीपलखूंटा सर्कल के कक्ष क्रमांक 1212 एवं 1277 में ग्राम धनोरा के 8 व्यक्तियों के द्वारा अवैध रूप से कृषि कार्य करने के उद्देश्य से अतिक्रमण किया जा रहा है जिसकी सूचना उपनिदेशक उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व क्षेत्र गरियाबंद वरुण जैन एवं सहायक संचालक उदंती मैनपुर व्ही.के.लकड़ा को दी गई। उनके सफल मार्गदर्शन पर इंदागांव परिक्षेत्र के अंतर्गत अधिकारी कर्मचारियों की टीम गठित कर मौके पर पहुंचे। मौके पर धनोरा निवासी आठ अतिक्रमणकारियों के द्वारा छोटे-छोटे झाड़ी बूटा की कटाई सफाई कर जोताई किया जा रहा था समस्त अतिक्र्रमणकारियों को पूछताछ हेतु वन परिक्षेत्र कार्यालय इंदागांव धुर्वागुड़ी लाया गया एवं अपराध सिद्ध होने के उपरांत उनके विरुद्ध प्रकरण क्रमांक 175/05 एवं 53/01 दिनांक 26.09.2022 जारी कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1) क, ड, ज, एवं वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 27, 29, 31, 38 (के), 39 (द), 51, 52, लोक संपत्ति क्षति निवारण 1984 की धारा 3(1) A एवं 4 के तहत न्यायालय प्रथम श्रेणी देवभोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया एवं स्वीकृति मिलने के उपरांत उप जेल गरियाबंद दाखिल करवाया गया।

उक्त समस्त प्रकरण में परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (धुर्वागुड़ी) बफर चंद्रबली ध्रुव उपवन क्षेत्रपाल, वनरक्षक डोमार सिंह कश्यप, वनपाल सहायक परीक्षेत्र अधिकारी इंदागांव हेमसिंह ठाकुर, वनरक्षक वीरेंद्र ध्रुव, वनरक्षक फलेश्वर दीवान, वनरक्षक कविंद्र मिश्रा, वनरक्षक ऋषि कुमार ध्रुव एवं समस्त वनसुरक्षा श्रमिकों का सराहनीय योगदान रहा।