सरकार ने पहली बार मांगी शैक्षणिक योग्यता-आरक्षण से जुड़ी विभागीय जानकारी, नियमित हो सकते हैं अनियमित कर्मचारी


छत्तीसगढ़ के 1 लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार इन्हें नियमित करने के मूड में है। विभागीय सूत्रों की मानें तो कर्मचारियों के सेटअप, वेतन , कर्मचारियों की योग्यता, आरक्षण नियमों से जुड़ी जानकारी सरकार जुटा रही है। इसलिए प्रदेश के हर विभाग को जानकारी भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।

ये निर्देश सामान्य प्रशासन के अवर सचिव एसके सिंह की तरफ से जारी किए गए हैं। सिंह ने अपने पत्र में कहा है – सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विशेष सचिव, संयुक्त सचिव से अपने विभागों के कर्मचारियों की जानकारी देने कहा गया है। इसमें निगम, मंडल, आयोग, संस्था, कार्यालय में काम कर रहे अनियमित, दैनिक वेतन भोगी और संविदा में काम कर रहे लोग शामिल होंगे।

यह जानकारियां मांगी गईं

विभाग में पदस्थ अनियमित, दैनिक वेतन भोगी, संविदा पर कार्यरत कर्मचारी क्या खुले विज्ञापन भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त हुए हैं।
क्या कार्यरत कर्मचारी उक्त पद की निर्धारित शैक्षणिक तकनीकी योग्यता रखते हैं।
कार्यरत कर्मचारी जिस पद पर कार्य कर रहा है क्या वह पद संबंधित विभाग के पद संरचना भर्ती नियम में स्वीकृत है।
क्या उक्त नियुक्ति में शासन द्वारा जारी आरक्षण नियमों में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग का पालन किया गया है।
विभागामें अनियमित, दैनिक वेतन भोगी, संविदा पर कार्यरत उन्हें वर्तमान में क्या मानदेय भुगतान किया जा रहा है तथा नियमित पदों का क्या वेतनमान है।

इस वजह से शुभ संकेत
छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी संगठन से जुड़े रवि गढ़पाले ने बताया कि इससे पहले सरकार संख्यात्मक रूप से जानकारियां लेती रही है , मगर यह पहली बार है जब भर्ती के नियमों, आरक्षण, वेतन से संबंधित जानकारी मांगी गई है। हो सकता है कि अभी सरकार जल्द ही नियमितीकरण का नियम बनाकर कर्मचारियों को नियमित करें। ये हमने जो पिछने दिनों आंदोलन किया उसका असर है।

रवि ने आगे कहा कि ऐसे में हम कर्मचारी संगठन से जुड़े लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम पूरा प्रयास कर रहे हैं कि सभी कर्मचारियों की सही जानकारी शासन तक भेजी जाए । कोई भी कर्मचारी छूटे ना ताकि उसे नियमितीकरण का अधिकार मिल सके। प्रदेश में सभी विभागों में काम करने वाले 1 लाख 80000 अनियमित कर्मचारियों से जुड़ा हुआ मामला है । रवि ने बताया कि अनियमित कर्मचारी के तहत दैनिक वेतन भोगी, मानदेयकर्मी, संविदा, ठेका और अंशकालीन कर्मचारी आते हैं।

भाजपा भी कर चुकी है वादा
पिछले दिनों रायपुर में लगातार हुए अनियमित कर्मचारियों के आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि लगभग 40,000 अनियमित कर्मचारियों को उनकी सरकार में नियमित किया था। अगर आने वाले समय में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी तो पहली चिंता अनियमित कर्मचारियों की करेंगे।



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