सीएम भूपेश बघेल ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह के लिए चादर और अकीदत के फूल किए रवाना, देश में सुख, समृद्धि और खुशहाली की मांगी दुआ

CG News Today



रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज मंगलवार को अपने निवास कार्यालय से अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 811वें सालाना उर्स के मौके पर दरगाह शरीफ के लिए चादर और अकीदत के फूल रवाना किए.

 

मुख्यमंत्री ने हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर अपनी ओर से चादर और फूल पेश करने के लिए एल्डरमैन नईम रज़ा और फहीम खान को प्रदान किया. नईम राजा ने बताया की चादर को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह में पेश करने रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर 40 लोगों के दल के साथ अजमेर शरीफ जायेंगे.

 

मुख्यमंत्री द्वारा भेजी जा रही यह चादर उर्स के मौके पर दरगाह गरीब नवाज अजमेर शरीफ में पेश की जाएगी. साथ ही देश और छत्तीसगढ़ की अमन, चैन, खुशहाली, तरक्की, आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द्र को बनाए रखने के लिए दुआएं की जाएगी.

 

उल्लेखनीय है कि, राजस्थान के अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती का 811 वां सालाना उर्स हर साल की तरह इस साल भी धूम-धाम से मनाया जा रहा हैं, सूफी संत मोईउद्दीन चिश्ती की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में उर्स के रूप में 6 दिन का वार्षिक उत्सव बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाता है. इस उर्स की शुरुआत बुलंद दरवाजा पर ध्वज फहराने से होती है. उर्स का पर्व रजब के महीने में चांद दिखने के बाद मनाया जाता है.

 

ऐसा माना जाता है कि ख्वाजा साहब ने अपने जीवन के अंतिम 6 दिन खुद को एक कमरे में बंद कर अल्लाह की इबादत की थी और अपना शरीर छोड़ दिया था. इसलिए उर्स का पर्व 6 दिन तक चलता है. वहीं उर्स के दौरान अजमेर शरीफ के रोज किए जाने वाले प्रोग्राम में बदलाव किया जाता है.