रायपुर और बिलासपुर में बनेंगे हाईटेक अस्पताल, हाथी प्रभावित इलाकों में निगरानी के लिए 10-10 लोगों की टीम , June 17, 2020 at 09:17PM

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन्यजीवों की सुरक्षा और उपचार के लिए रायपुर और बिलासपुर में हाईटेक अस्पताल बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए रायपुर के जंगल सफारी और बिलासपुर के कानन पेंडारी स्थित पशु चिकित्सालयाें को विकसित किया जाएगा। वहीं पशु चिकित्सा विभाग में कार्यरत डॉक्टरों को वन विभाग में प्रतिनियुक्ति पर लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, उन सभी वनमंडलों में जहां वन्यजीवों की संख्या ज्यादा है, वहां इन डॉक्टरों को प्राथमिकता से तैनात किया जाए।

मुख्यमंत्री निवास पर बुधवार को हुई बैठक में सीएम बघेल ने वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों से लेकर उच्चाधिकारियों की मॉनिटरिंग के लिए मोबाइल एप विकसित करने का निर्देश दिया। राज्य में वन्यजीवों और हाथियों के दल की निगरानी के लिए सभी प्रभावित वनक्षेत्रों में 10-10 लोगों को टीम बनाने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही हाथी-मानव संघर्ष को राेकने के लिए धरमजयगढ़ व सूरजपुर के 10-10 गांवों में मोबाइल बेस्ट एलर्ट सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया। अभी महासमुंद में ऐसा सिस्टम लागू है।

10 वर्षों में हाथियों की संख्या 225 से बढ़कर 290 हुई
बैठक में वन विभाग के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि छत्तीसगढ़ में 10 वर्षाें के दौरान हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य में पिछले 10 वर्षाें में हाथियों की संख्या 225 से बढ़कर 290 तक हो गई है। वहीं वन व राजस्व क्षेत्रों में विशेषकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में वन्यप्राणियों के बचाने के लिए खुली विद्युत तारों को हटाने पर चर्चा की गई। कहा गया कि ऊर्जा और वन विभाग की ओर से इसके बदले केबल लगाया जा सकता है।



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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन विभाग की बैठक में वन्यजीवों की सुरक्षा और उपचार के लिए रायपुर और बिलासपुर में हाईटेक अस्पताल बनाने के निर्देश दिए हैं।


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