गांजा तस्करी की सूचना पर रोकी कार तो डिक्की से मिला 1.13 करोड़ कैश, सराफा व्यापारी गिरफ्तार , June 11, 2020 at 06:07AM

बरगढ़ से रायपुर ले जा रहे लगभग 1.13 करोड़ रुपए को सिंघोड़ा पुलिस ने पकड़ा है। कार में चालक के साथ सराफा व्यापारी भी था। दोनों के खिलाफ पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 102 के तहत कार्रवाई कर रकम जब्त कर ली है। साथ ही मामले की जांच के लिए आयकर विभाग को भी सूचना दी गई है। इतनी बड़ी रकम क्यों ले जाई जा रही थी, इस संबंध में अब आयकर विभाग पूछताछ करेगी। बुधवार को रकम पकड़े जाने का खुलासा पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने किया। इस दौरान एएसपी मेघा टेंभुरकर भी मौजूद थीं।
गांजा तस्करी की सूचना पर मंगलवार की देर रात पुलिस जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र के रेहटीखोल चेक प्वाइंट पर गाड़ियों की जांच की जा रही थी। बरगढ़ की ओर से कार क्रमांक ओआर 17 के 5205 आई। पुलिस की टीम ने गाड़ी को रोककर पूछताछ की। कार में बैठे युवक ने अपना नाम प्रतीक छापड़िया निवासी वार्ड क्रमांक 5 नदीपाड़ा मेन रोड बरगढ़ बताया। वहीं कार सुरेंद्र सोना चला रहा था, जो नदीपाड़ा के वार्ड क्रमंाक 1 का रहने वाला है। युवक ने निजी काम से रायपुर जाने की बात कही। कड़ाई से पूछताछ में युवक ने पहले पुलिस से कहा कि ज्यादा नहीं सर 50 है। इस पर टीम को लगा कि 50 किलो गांजा उन्होंने पकड़ा है। टीम ने रात में ही इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी। इस पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ठीक से चेक करो, उसमें गांजा नहीं कुछ और हो सकता है। इसके बाद टीम ने जब गाड़ी की जांच तो तो उसमें से तीन अलग-अलग बैग में रकम मिली। कुल रकम 1 करोड़ 12 लाख 99 हजार दो सौ रुपए पुलिस ने जब्त की है।
केस बनाकर इनकम टैक्स को सौंपा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार पकड़ा गया युवक बरगढ़ का सराफा व्यापारी है। बरगढ़ में इनका हरि ज्वेलर्स नामक फर्म है। प्रारंभिक रूप से पुलिस मानकर चल रही है कि उक्त पैसा बिना बिल के कैश में लेन-देन का हो सकता है। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि संदेह था कि कार में सोना-चांदी होगा, क्योंकि उक्त युवक सराफा व्यापारी है। लेकिन कार से सिर्फ कैश ही मिला है। हमने मामले में केस बनाकर आईटी को सौंप दिया है।
तलाशी में कुछ नहीं मिला, लॉकर की चाबी देख पूछताछ की तो खुला मामला
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि पुलिस की टीम ने कार की जांच की तो वहां कुछ भी नहीं मिला। न तो कार की डिग्गी में कुछ अवैध सामग्री मिली और न ही कार के भीतर कुछ सामान नजर आया। इसी दौरान पुलिस की नजर युवक के हाथ में रखी लॉकर की चाबी पर पड़ी। युवक से पुलिस ने जब चाबी के बारे में पूछा ताे वह हड़बड़ा गया और गोलमोल जवाब देने लगा। फिर टीम ने पूरे वाहन की ठीक से तलाशी ली। तलाशी के दौरान ही पिछली सीट के नीचे डिग्गी की ओर से खुलने वाला एक लॉकर बना हुआ था। इसके भीतर तीन बैग रखे हुए थे। इन बैग से पुलिस को 2000 के 724 नोट कुल- 1448000 रुपए, 500 के 18102 नोट कुल-9051000 रुपए, 200 के 4000 नोट कुल- 8लाख रुपए और 100 रुपए के दो नोट मिले।
पिछले साल भी मिले थे 11 करोड़ रुपए
ओडिशा के रास्ते देश के अलग-अलग इलाकों में कैश ट्रांसफर का कारोबार चलता है। साल 2019 में 19 फरवरी को खल्लारी पुलिस ने भी 11 करोड़ रुपए कैश पकड़ा था। यह कैश भी आगरा के सराफा व्यापारी का था, जिसे कटक से आगरा ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में चालक समेत 4 लोगों को पकड़ा था, जिसमें एक महिला भी शामिल भी। मंगलवार की रात पकड़े गए कार की तरह इस कार में भी पिछली सीट के भीतरी भाग को खोखला कर उसमें रकम छिपाई गई थी। पुलिस ने इस मामले में भी केस दर्ज कर मामले को जांच के लिए आईटी को दे दिया था। पुलिस को लगातार बड़ी मात्रा में कैश ट्रांसफर होने के इनपुट भी मिलते रहे हैं। हालांकि वे पकड़े नहीं जाते।



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कंट्रोल रूम में पुलिस कार्रवाई पर ब्रीफिंग करते एसपी, सामने टेबल पर रखी जब्त रकम।


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