महीने भर में लबालब हो जाएगा खूंटाघाट बांध, जिले की औसत वर्षा 1192 मिमी; भैंसाझार बैराज के 3 गेट खोले , June 19, 2020 at 05:57AM

सूर्यकान्त चतुर्वेदी |मानसून की बौछार पड़ते ही चार दिनों में जिले में 116.9 मिमी बारिश हो गई। बारिश की रफ्तार देख कर अरपा भैंसाझार बैराज छलक न जाए, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से उसके तीन गेट खोल दिए गए हैं। वहीं नहरों में भी पानी बहाया जा रहा है। 15 जून तक बैराज में 79.56 फीसदी पानी भर गया था और अगले दो दिनों में इसके पूरी तरह भर जाने की संभावना थी, बैराज को बचाने की गरज से सुरक्षात्मक दृष्टि से 55 फीसदी पानी बहा दिया गया। बारिश के अंतिम दिनों में बैराज के गेट बंद किए जाएंगे। अरपा में पानी का बहाव इन दिनों इसीलिए ज्यादा तेज हो गया है,क्योंकि उसमें कैचमेंट एरिया के अलावे बैराज का भी पानी आ रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक खूंटाघाट बांध महीने भर में लबालब हो जाएगा। ये स्थिति साल 2019 में 2018 की तुलना में 400 मिमी अधिक बारिश होेने तथा गर्मियों के सीजन में बांध में 69 फीसदी जल भराव की वजह से उत्पन्न हुई है। अविभाजितजिले के मनियारी (मुंगेली) बांध में जल भराव और ज्यादा है। गुरुवार को बांध में 91.40 फीसदी पानी भर चुका है। बारिश शुरू होने के पहले बांध में 85.13 फीसदी पानी भरा था।

पेंड्रा में अरपा में तेज बहाव, बैराजका गेट खोलना पड़ा
अरपा भैंसाझार बैराज की क्षमता 16.564 एमसीएम है। इसकी सिंचाई क्षमता 25 हजार हेक्टेयर है। कोटा सब डिविजन के ईई अशोक तिवारी के मुताबिक हालियाबारिश के चलते पेंड्रा क्षेत्र में अरपा नदी का बहाव तेज हो गया है। बैराज में बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण गेट खोल कर उसे बहाया जा रहा है। बैराज में वेस्टवेयर नहीं होता, जैसा बांध में होता है, इसलिए बैराज को बाढ़ की स्थिति से बचाने के लिए गेट खोलकर पानी बहाया जाता है। चल रही बारिश के चलते यदि बैराज भर गया, तो तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

कमांड एरिया के 250 तालाब पहले से फुल : खूंटाघाट बांध में फरवरी में 94 फीसदी पानी था। गर्मियों में इतना पानी 10 वर्षों में कभी नहीं रहा। पहली बार गर्मी की धान फसल के लिए पानी दिया गया। वहीं कमांड एरिया के तालाबों को भरने के लिए बांध से पानी छोड़ा गया। इससे स्थिति यह है कि अब मस्तूरी और उससे जुड़े कमांड एरिया के 250 तालाबों में भरपूर पानी है। चल रही बारिश से इनके जल्दी ही लबालब हो जाने का अनुमान है।

दो माह पहले ही वेस्टवेयर से बहने लगेगी धार
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आरपी शुक्ला ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि चार दिनों में जिस गति से वर्षा हो रही है, वह जारी रही तो महीने भर में खूंटाघाट के वेस्टवेयर से पानी की दूधिया धार बह निकलेगी। बांध जब पूरी तरह बह जाता है तब उसके वेस्टवेयर से तेज गति से पानी निकलता है। तेज बहाव में पानी दूध की तरह सफेद नजर आने लगता है। अमूमन जिले में औसत बारिश होने की स्थिति में बांध सितंबर तक लबालब हो जाता है। खूंटाघाट बांध की क्षमता 192.320 एमसीएम है। इससे सवा लाख एकड़ खेतों की सिंचाई होती है। वहीं अपेक्षाकृत कम क्षमता वाले मनियारी जलाशय में 147.720 एमसीएम पानी आता है।
इस साल अच्छी बारिश का है अनुमान
जिले की औसत वर्षा 1192.4 मिमी है। 2018 में 843.2 मिमी तो 2019 में 1263 मिमी औसत वर्षा हुई। मौसम विशेषज्ञ उमेश रायक्वापर्ण के मुताबिक इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक वर्षा हुई है। 2018 में जून में 85.1 तो 2019 में 159.1 मिमी औसत वर्षा हुई थी। प्रदेश में 1 जून से लेकर अब 68 फीसदी पानी जून के कोटे के बरस चुका है जबकि बिलासपुर में यह 88 फीसदी है।



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बैराज के 3 गेट खोले गए।


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