पलारी में जगह नहीं, 191 श्रमिकों ने झोपड़ी डाल बनाया क्वारैंटाइन सेंटर, रायपुर में बस्ती सील कर दी, टॉयलेट बाहर ही रह गया; पंजीयन से आधी हुई सरकार की कमाई , June 17, 2020 at 12:25PM

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में पलारी के क्वारैंटाइन सेंटर में रखने के लिए अब जगह नहीं बची है। ऐसे में 191 श्रमिकों ने झोपड़ी डालकर अपने लिए खुद ही मैदान में क्वारैंटाइन सेंटर बना लिया है। बांस और पॉलीथिन से बनाए गए इस क्वारैंटाइन सेंटर में चारपाई भी श्रमिकों ने अपने घरों से मंगाई है। इनमें बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी रह रहे हैं। पंचायत ने राशन व पानी के टैंकर उपलब्ध कराए हैं, लेकिन खाना खुद बनाने के साथ नहाने-धोने के लिए खुले मैदान का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

धाराशिव गांव के तीन शासकीय भवन पहले से ही श्रमिकों से भरे हुए हैं। वही गांव के एक निजी मकान को भी किराए पर लेकर वहां 36 श्रमिकों को रखा गया है। जब गांव में कोई शासकीय और निजी भवन नहीं बचा तो स्कूल के मैदान में ही प्लास्टिक लगाकर झोपड़ियां बनानी पड़ीं।

महाराष्ट्र से लौटे, तो पंचायत ने कहा- खुद अपने लिए बना लो सेंटर
दरअसल, धाराशिव गांव के तीन शासकीय भवन पहले से ही श्रमिकों से भरे हुए हैं। वही गांव के एक निजी मकान को भी किराए पर लेकर वहां 36 श्रमिकों को रखा गया है। जब गांव में कोई शासकीय और निजी भवन नहीं बचा तो स्कूल के मैदान में ही प्लास्टिक लगाकर झोपड़ियां बनानी पड़ीं। ये श्रमिक महाराष्ट्र व हैदराबाद के ईंट-भट्ठे में काम कर 12 जून व 16 जून को लौटे थे। पंचायत ने उन्हें मटेरियल देकर कहा कि खुद बना लो।

सार्वजनिक शौचायलय तक जाने का रास्ता नहीं, पुलिस तैनात
वहीं रायपुर के पेंशनबाड़ा इलाके की एक बस्ती में दो दिन पहले कोरोना पाॅजिटिव मिला था। इसके बाद प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन बनाते हुए उसे सील कर दिया। बस्ती के भीतर अाने-जाने के दोनों रास्ते बेरिकेड्स लगाकर बंद कर दिए गए हैं। दिक्कत ये है कि सील इलाके के बाहर सार्वजनिक टायलेट है, जिसका इस्तेमाल बस्ती के अधिकांश लोग करते हैं। रास्ता बंद है, पुलिस तैनात है, कोई बाहर जाना-आनानहीं कर सकता, इससे पूरी बस्ती परेशान है।

बिलासपुर के रेलवे अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल बनाया गया है। यहां से मंगलवार रात डिस्चार्ज होने पर 30 मरीजों को क्वारैंटाइन सेंटर भेजा गया है। पहले ये श्रमिक घर जाने पर अड़े थे। उनका कहना था कि जब वह ठीक हो गए हैं तो फिर क्वारैंटाइन सेंटर क्यों भेजा जा रहा है। हालांकि डॉक्टरों और प्रशासन के समझाने के बाद ये जाने को तैयार हो गए।

लॉकडाउन के चलते 222 करोड़ से 124 करोड़ हुई कमाई
लॉकडाउन में दफ्तरों के बंद होने और कामकाज ठप होने का असर सरकार की कमाई पर भी पड़ा है। इस साल राज्य सरकार के पंजीयन विभाग की कमाई आधी रह गई है। विभाग ने 27018 दस्तावेजों की रजिस्ट्री है, जिससे 124.52 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। पिछले साल इसी अवधि में 48919 रजिस्ट्री हुई थी और विभाग को करीब 222.84 करोड़ का राजस्व मिला था। हालांकि अब जून में रजिस्ट्री 31 फीसदी बढ़ी है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना अपडेट
बिलासपुर :
गोंडा से रायपुर के लिए रवाना की गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भाटापारा जा रहे बलौदा बाजार के श्रमिकों में से एक महिला को लेबर पेन शुरू हो गया। इसके चलते उसे बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ही उतार लिया गया, जहां से सिम्स भेजा गया। बलौदा बाजार निवासी दिगरी लाल की पत्नी हेमानी बाई बरिया गर्भवती है, ट्रेन बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली थी इससे पहले ही उसे लेबर पेन शुरू हो गया।

गोंडा से रायपुर के लिए रवाना की गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भाटापारा जा रहे बलौदा बाजार के श्रमिकों में से एक महिला को लेबर पेन शुरू हो गया। इसके चलते उसे बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ही उतार लिया गया।

भिलाई : सेक्टर-6 सी मार्केट को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। अब यह मार्केट पहले की तरह बुधवार से खुलेगी। एसडीएम केएल वर्मा ने बताया कि इस मार्केट को कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। अब यहां कोई और कोरोना पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। इसलिए अब यहां पहले की तरह दुकानें खुल सकेंगी। आवागमन भी पहले की तरह होगा। प्रशासन के निधार्रित समय पर ही दुकानें खुलेंगी और बंद होगी।

तस्वीर दुर्ग जिला सहकारी बैंक की है। यहां किसान लोन से लेकर खाद-बीज के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। लोग एक-दूसरे के पीछे खड़े हैं। कई तो मास्क भी नहीं लगाए थे।

जांजगीर : जैजैपुर ब्लॉक के नगारिडीह क्वारैंटाइन सेंटर में खाने को दिए गए चावल और सब्जी में कीड़े मिले हैं। जिसके बाद मजदूर और क्वारैंटाइन सेंटर की देखरेख करने वालाें के बीच विवाद हाेने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते क्वारैंटाइन के जिम्मेदारों ने मजदूरों पर चप्पल तान दी और शिकायत करने पर मारने की धमकी देने लगे। खाने में कीड़ा मिलने के बाद मजदूरों ने खाना नहीं खाया और पूरी रात भूखा रहना पड़ा।

ये तस्वीर जांजगीर में जैजैपुर ब्लॉक के नगारिडीह क्वारैंटाइन सेंटर में मिले खाने की है। श्रमिकों को दिए गए चावल और सब्जी में कीड़े मिले हैं।खाने में कीड़ा मिलने के बाद मजदूरों ने खाना नहीं खाया और पूरी रात भूखा रहना पड़ा।


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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में पलारी के क्वारैंटाइन सेंटर में रखने के लिए अब जगह नहीं बची है। ऐसे में 191 श्रमिकों ने झोपड़ी डालकर अपने लिए खुद ही मैदान में क्वारैंटाइन सेंटर बना लिया है।


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