सीएम ने कहा - रेवेन्यू चाहिए तो तेजी से निपटाएं जमीन के झगड़े, बस्तर में अब 2 कमिश्नर , June 11, 2020 at 05:50AM

सीएम भूपेश बघेल ने बुधवार को सभी कलेक्टरों से कहा कि रेवेन्यू चाहिए तो जमीन से जुड़े झगड़े तेजी से निपटाएं। जमीन के झगड़े कम होंगे तो ज्यादा लोग जमीन की खरीद-बिक्री करेंगे। इससे राजस्व मिलेगा। उन्होंने सरकारी जमीन को चिह्नित कर 7500 वर्ग फीट तक जमीन की लीज के लिए जो आवेदन आए हैं, उस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा। साथ ही, सरकारी जमीन से कब्जा हटाने और व्यवस्थापन के आवेदनों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। सीएम ने वन अधिकार के दावों के तेजी से निराकरण के लिए बस्तर में एक सीनियर आईएएस को कमिश्नर नियुक्त करने का भी ऐलान किया। करीब 7 घंटे चले कलेक्टर्स कांफ्रेंस में सीएम ने 23 जिलों में हाल ही में नियुक्त किए गए अफसरों पर फोकस कर खासतौर पर निर्देश दिए। हालांकि इस दौरान कलेक्टरों को कम ही बोलने का मौका मिला। विभाग के सचिवों ने अपनी बात ज्यादा रखी।सीएम बघेल ने वन अधिकार मान्यता पट्टे बांटने में तेजी लाने और सुचारू संचालन के लिए कमिश्नर नियुक्त करने कहा है। वन अधिकार पत्र की समीक्षा के दौरान सीएम ने कलेक्टरों से कहा कि व्यक्तिगत या सामुदायिक दावों का निराकरण तेजी से वन, राजस्व और आदिम जाति विकास विभाग के समन्वय से किया जाए। सभी डीएफओ को निर्देश दिए कि वे लघु वनोपजों की जानकारी संकलित करें, इससे नीति तैयार करने में मदद मिलेगी। सीएम बघेल ने बस्तर और सरगुजा में तिलहन की फसल को प्रोत्साहित करने कहा। उन्होंने कहा कि बस्तर में पहले सरसों की खेती बड़े पैमाने पर होती थी, जो अब लगभग बंद हो गई है। इसे फिर से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

एक अक्टूबर से ई-कोर्ट से ही निपटेंगे राजस्व मामले
राजस्व के मामलों के पंजीयन से लेकर उनके निराकरण में तेजी एवं पारदर्शिता लाने एक अक्टूबर से राजस्व ई-कोर्ट प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल ने कलेक्टरों इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। राज्य में एक अक्टूबर 2020 से राज्य में ई कोर्ट के दस्तावेज ही मान्य होंगे। सीएम ने प्रत्येक जिले में दस-दस छात्रावासों को मॉडल बनाने कहा। मुख्य सचिव मंडल ने कहा कि चिन्हांकित छात्रावासों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय एवं खेल-मैदान सहित अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने प्रत्येक जिले को 25-25 लाख रूपए का आबंटन दिया गया है। सीएम प्रत्येक छात्रावासों, आश्रमों एवं आंगनबाडियों में मुनगा के पांच-पांच पौधे लगाए।

फैक्ट्री के मजदूरों की पूरीजानकारी रखें कलेक्टर
कलेक्टरों को औद्योगिक क्षेत्रों में बाहर से आने वाले मजदूरों की जानकारी रखने कहा गया। जो भी मजदूर बाहर से आए हैं, उसकी जानकारी नहीं होने पर एफआईआर दर्ज करने निर्देश दिए हैं। कोरबा की तर्ज पर क्वारेंटाइन सेंटर से घर जाने वाले मजदूरों की निगरानी के लिए गांवों में निगरानी समिति गठित करने कहा है। सभी कलेक्टरों को प्रवासी मजदूरों की सूची अपडेट और उनकी स्किल मैपिंग के निर्देश दिए हैं।
केंद्र के निर्देश पर खुलेंगेस्कूल, अपनी तैयारी रखें
राज्य में स्कूल खोलने की तैयारी के संबंध में भी सीएम ने अफसरों से बात की। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी स्कूल क्वारेंटाइन सेंटर हैं और केंद्र के अधीन हैं। क्वारेंटाइन सेंटर खाली होने पर तत्काल सेनिटाइजेशन करें। अपनी पूरी तैयारी रखें, जिससे केंद्र की हरी झंडी के बाद स्कूल खोले जा सकें।सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त बनाने के निर्देश दिए।



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कलेक्टर्स कांफ्रेंस में सीएम भूपेश बघेल के साथ सीएस आरपी मंडल, पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी, वित्त विभाग के एसीएस अमिताभ जैन, सीएम के एसीएस सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, मनोज पिंगुआ और डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया उपस्थित थीं।


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