चिटफंड कंपनियों की वजह से डूबी रकम को वापस दिलाने की मांग, प्रदेश में 20 लाख लोग हैं प्रभावित , June 20, 2020 at 04:52PM

शहर में लोगों ने चिटफंड कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया। घरों, दुकानों और अपने मुहल्ले की गलियों में लोग हाथ में पोस्टर लिए नजर आए। इनमें चिटफंड कंपनी में निवेश किए रुपए वापस दिलाने, कंपनी के संचालकों पर कार्रवाई करने की मांग के स्लोगन लिखे थे। बीते साल 2018 के विधान सभा चुनावों के दौरान प्रदेश में चिटफंड कंपनी घोटाला चर्चा में आया था। इसमें प्रदेश के लगभग हर जिले में संचालित चिटफंड कंपनियां लोगों से रुपए लेकर बंद कर दी गईं थीं। कांग्रेस ने चुनाव के वक्त लोगों के डूबे रुपए वापस दिलाने का वादा किया था।

रायपुर के कलेक्टोरेट परिसर में तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा गया।
रायपुर के कलेक्टोरेट परिसर में तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा गया।

छत्तीसगढ़ नागरिक अधिकार समिति ने शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की। समिति के शुभम साहू के साथ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टोरेट परिसर में तहसीलदार दीपक भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन में मांग की गई है कि 50000 करोड़ के अनुमानित भुगतान को लोगों को दिलाया जाए। फर्जी चिटफंड कंपनियों के समस्त फरार डायरेक्टर को गिरफ्तार किया जाये। इन मामलों की सुनवाई भी बेहद धीमी गति से चल रही है, 8 महीने में प्रकरण की सुनवाई पूर्ण कर फैसले दिए जाएं।



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तस्वीर रायपुर में चिटफंड घोटाले के खिलाफ हुए प्रदर्शन की है। महिलाओं ने अपनी बचत को इन कंपनियों में निवेश किया और कंपनी रुपए लेकर गायब हो गई।


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