मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना के 22 सैंपल की रोज जांच हो सकेगी , June 29, 2020 at 05:33AM

मेडिकल काॅलेज अस्पताल का माइक्रोबायोलॉजी विभाग कोरोना की जांच के लिए तैयार हो गया है और ट्रू नॉट विधि से प्रोफिशिएंसी टेस्ट की रिपोर्ट ठीक मिलने पर जांच करने के लिए डायरेक्टर हेल्थ से अनुमति भी मिल गई है। इससे अब यहां भी कोरोना की जांच हो सकेगी। प्रोफिशिएंसी टेस्ट के लिए रायपुर से पांच सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। ये सैंपल पहले से परीक्षण किए हुए थे।
अंबिकापुर लैब में जो रिपोर्ट आई वह पहले परीक्षण में मिली रिपोर्ट के अनुसार ही है। इसमें दो सैंपल पाॅजिटिव व तीन सैंपल निगेटिव थे। इससे टेस्ट को ओके माना गया। यह अंबिकापुर मेडिकल टीम दक्षता का परीक्षण था। यदि अंबिकापुर में एक भी सैंपल की रिपोर्ट अलग होती तो मामला लटक जाता फिर अनुमति नहीं मिलती। यहां बता दें कि मशीन इंस्टाल होने के बाद प्रशिक्षण के लिए टेक्नीशियन रायपुर गए थे। अब आईसीएमआर से अंतिम रिपोर्ट के लिए पत्र भेज दिया गया है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डाॅ. आर मूर्ति ने बताया कि राज्य सरकार की अनुमति के आधार अब यहां कोरोना की जांच की जा सकती है। आईसीएमआर के लिए राज्य सरकार की रिपोर्ट के साथ पत्र भेज दिया गया है। इससे अस्पताल प्रबंधन को अब काफी राहत मिली है।

तैयारी: कोविड लैब में लगेगी अत्याधुनिक पीसीआर मशीन
स्पताल में कोविड जांच के लिए अलग से एक लैब भी बन रहा है। इसमें अत्याधुनिक पीसीआर(पालीमरेज चेन रिएक्शन) मशीन लगेगी। इससे एक साथ में ज्यादा सैंपल टेस्ट किए जा सकेंगे। लैब के लिए पुराने भवन को रिन्यू वेट किया जा रहा है। भवन का काम अंतिम चरण पर है। जुलाई में लैब तैयार हो जाने की उम्मीद है। इसके बाद पीसीआर मशीन से कोरोना की जांच शुरू हो जाएगी।

क्षमता: दो घंटे में 8 सैंपल की हो सकती है कोरोना वायरस की जांच
लैब में चार ट्रू नॉट मशीनें लगी है। एक मशीन से दो घंटे में दो सैंपल की जांच हो सकती है। इससे देखा जाए तो एक साथ दो घंटे में यहां 8 सैंपल की जांच हो सकती है। इस तरह एक दिन में 22 से 24 सैंपल की जांच की जा सकती है। एक मशीन की कीमत करीब 2 लाख रुपए है। यह मशीन मुख्यत: टीबी जांच के काम आती है, लेकिन इसके साफ्टवेयर में बदलाव कर कोरोना जांच भी होती है।

कोरोना मरीज के सीधे संपर्क में आने वालों की होगी जांच
ट्रू नाट मशीन से उन कोरोना संदिग्ध की जांच की जाएगी जो किसी पाॅजिटिव मरीज के सीधे संपर्क में आते हैं। इससे उन लोगों की जांच अब जल्द हो जाएगी जो किसी कोरोना मरीज के सीधे संपर्क में आने के कारण संदिग्ध माने जाते हैं। पहले ऐसे लोगों का सैंपल जांच के लिए रायपुर या रायगढ़ मेडिकल काॅलेज भेजा जाता था। यहां रोज 22 सैंपल की जांच की जा सकती है।



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Medical College Hospital will be able to examine 22 samples of Corona daily


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