बस्तर से 245 किमी का सफर 24 घंटे में तय करके राजधानी आ गया मानसून, आज-कल बारिश के आसार , June 13, 2020 at 05:47AM

राजधानी में शुक्रवार को दोपहर बादलों के साथ मानसूनी हवा खामोशी से दाखिल हुई। तेज बारिश की उम्मीद थी, लेकिन रात तक बादल नहीं बरसे। हवा और बादलों के आधार पर मौसम विभाग ने शाम को राजधानी में मानसून सक्रिय होने की घोषणा कर दी। बस्तर से मानसून के बादल निर्धारित रफ्तार से 245 किमी की हवाई दूरी 24 घंटे में पार करते हुए पहुंचे। ये भले ही नहीं बरसे, लेकिन अब संभावनाएं बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा में तीन-चार छोटे सिस्टम बने हुए हैं, इसलिए शनिवार और रविवार को भी राजधानी और आसपास अच्छी बारिश संभव है। ओडिशा-आंध्रप्रदेश और दक्षिण भारत में मानसून मजबूती के साथ सक्रिय है।

जगदलपुर से रायपुर तक मानसून को पहुंचने में औसतन दो दिन लगते हैं, लेकिन इस बार यह तेजी से एक दिन में ही पहुंच गया। मौसम विभाग ने मानसून के पहुंचने की नई सामान्य तारीख जारी की है, उसके अनुसार मानसून को 15 तक रायपुर पहुंचना था। इस लिहाज से दक्षिण-पश्चिमी हवा तीन दिन पहले ही राजधानी पहुंच गई। लालपुर मौसम केद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार मानसून की घोषणा के लिए प्री-मानसून वर्षा को ध्यान में रखा जाता है। जहां मानसून सक्रिय होने की घोषणा की जानी है वहां दो दिन पहले तक बारिश का पैटर्न देखा जाता है। उस क्षेत्र के 80 फीसदी या ज्यादा हिस्से में ढाई मिमी से ज्यादा बारिश हो गई तब वहां मानसून पहुंचने की घोषणा कर दी जाती है। रायपुर संभाग के रायपुर में पिछले 24 घंटे के दौरान 43.8 मिमी बारिश हो गई। राजनांदगांव में 90 मिमी, लाभांडी में 50, तिल्दा में 30, डोंगरगांव में 30, माना में 29 तथा दुर्ग में नौ मिमी बारिश रिकार्ड की गई।

बारिश थमी, उमस से बेचैनी
जगदलपुर को छोड़कर प्रदेश में शुक्रवार को दोपहर कहीं भी ज्यादा बारिश नहीं हुई। जगदलपुर में करीब 12 मिमी वर्षा हुई। अधिकाशं जगहों पर मौसम साफ रहा। दिन में धूप खिली रही। हवा में नमी ज्यादा रहने की वजह से दिनभर गर्मी और उमस महसूस हुई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि शुक्रवार रात और शनिवार को शाम-रात में बारिश होने की संभावना है। इससे गर्मी से राहत मिल सकती है। लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार आंध्रप्रदेश तथा लगे ओडिशा में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। दक्षिण हरियाणा से तटीय आंध्रप्रदेश के पास एक निम्न दाब का क्षेत्र है। यह मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में करीब 1 किमी ऊंचाई पर है। इनके असर से शनिवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभव है।



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तस्वीर छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के टाइगर प्वाइंट व आसपास की हैं। पहली बारिश में ही टाइगर प्वाइंट का झरना खिलखिला उठा है।


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