स्कूल खुलने पर आज हो सकता है फैसला, एक सप्ताह में शुरू होंगे वर्चुअल क्लासरूम; क्वारैंटाइन सेंटर से 27 मजदूर तालाब पर नहाने गए, रिपोर्ट आई तो 17 पॉजिटिव , June 10, 2020 at 10:42AM

छत्तीसगढ़ में स्कूलों को खाेलने को लेकर राज्य सरकार बुधवार को फैसला ले सकती है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिला कलेक्टरों से बात करेंगे। कलेक्टरों की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला से अलग से भी बात कर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। इसके अलावा इंग्लिश मीडियम स्कूलों की स्थापना पर भी चर्चा होगी। वहीं प्रदेश में वर्चुअल क्लासरूम शुरू करने की तैयारी है।

छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए रायपुर के इंडोर स्टेडियम में कोविड-19 अस्पताल की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके संबंध में स्वास्थ्य सचिव ने राज्यपाल को भी जानकारी दी थी।

सभी स्कूल अपने शिक्षकों व छात्रों को जोड़ रहे ग्रुप से
स्कूल शिक्षा विभाग ने ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ योजना में सभी स्कूलों में वर्चुअल क्लासरूम एक सप्ताह में शुरू करने की बात कही है। इस संबंध में सभी जिलों के डीईओ को निर्देश दिए गए हैं। स्कूल खुलने में देरी होने की स्थिति में वेबसाइट से वर्चुअल क्लास संचालित किए जाएंगे। इसमें शिक्षक और विद्यार्थी अपने-अपने घर से क्लास में शामिल होंगे। ये उसी तरह होगा जैसे स्कूल की क्लास में होता है।

इसके लिए सभी स्कूल अपने सभी शिक्षकों और छात्रों को वर्चुअल ग्रुप में जोड़ा जा रहा है। विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश में जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि जिला, विकासखंड और संकुल स्तरीय नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से सभी स्कूलों में वर्चुअल क्लास प्रारंभ किए जाने की जिम्मेदारी देते हुए नियमित रूप से इन कक्षाओं का संचालन शीघ्र प्रारंभ करवाएं।

तालाब में नहाने और अभद्रता पर 34 मजदूरों पर एफआईआर
जांजगीर-चांपा के नवागढ़ में ग्राम खोखसा के क्वारैंटाइन सेंटर में मना करने के बावजूद तालाब में नहाने जाने और अभद्रता करने वाले 34 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ये 25 मई को दिल्ली, जयपुर, आगरा और नोएडा से लौटे 70 प्रवासी श्रमिकों में शामिल हैं। 27 मई को मना करने के बाद भी 27 श्रमिक नहाने के लिए बेलडबरी तालाब चले गए। लौटने पर तहसीलदार व पुलिस को देख पंचायत सचिव, सरपंच और पंचों को गाली दी।

खोखसा क्वारैंटाइन सेंटर में रह रहे 18 लोगों को कोरोना पीड़ित पाया गया है। वहां रह रहे 12 लोगों के 1 जून को सैंपल रिपोर्ट आने पर एक मजदूर संक्रमित मिला था। इसके बद 60 और श्रमिकों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। 2 जून को 2, 4 जून को 7 और 5 जून को 8 श्रमिकों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इन सभी को बिलासपुर और दुर्ग के विशेष कोविड-19 अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती किया गया है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना अपडेट
जशपुरनगर : शहरी श्रमिकों को क्वारैंटाइन करने के लिए सेंटर नहीं मिल रहा है। ग्रामीण इलाकों में पंचायतें शहरी श्रमिकों के लिए सेंटर बनाने का विरोध कर रही हैं। शहरी इलाके के श्रमिकों के लिए जिन तीन भवनों में क्वारैंटाइन सेेंटर बनाया गया था, उनको दूसरे काम के लिए खाली करा लिया गया है। ऐसे में महाराष्ट्र से शहरी क्षेत्र के 80 श्रमिकों की वापसी बुधवार को हो रही है। क्वारैंटाइन सेंटर नहीं होने की वजह से इन्हें होम आइसोलेशन में रखा जाएगा।

भिलाई के वैशाली नगर में कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उसके बेटे सहित परिवार के तीन सदस्य भी मौजूद रहे। उन्होंने अंतिम क्रिया के दौरान धार्मिक सामग्री ही उपलब्ध कराईञ जबकि दूर से ही पिता का दाह संस्कार देखते रहे।

सूरजपुर : जिले के लाइवलीहुड कॉलेज को जिला प्रशासन ने क्वारैंटाइन सेंटर बनाया है। इस सेंटर में 92 लोगों को रखा गया है। मंगलवार दोपहर का खाना देने के लिए दरवाजा खोला गया तो सेंटर से 16 लोग अपना सामान लेकर भाग निकले। मजदूरों के भागने की जानकारी पर जिला प्रशासन और पुलिस का दल मौके पर पहुंचा। भाग रहे लोगों को समझाकर क्वारैंटाइन सेंटर भेजा गया। इस मामले में दो पटवारी सस्पेंड कर दिए गए हैं।

कांकेर में महाराष्ट्र की सीमा से सटे ओरछागांव को प्रशासन ने सील कर दिया है। इस गांव के एक व्यक्ति को क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था। उसकी क्वारैंटाइन अवधि पूरी हो गई, लेकिन रिपोर्ट उसके बाद आई। तब तक श्रमिक अपने गांव चला गया था।

जगदलपुर : शहर के कुम्हरावंड स्थित क्वारैंटाइन सेंटर में रहने वाला एक मजदूर कोरोना पॉजिटिव निकला है। यह मजदूर दो दिन पहले तमिलनाडु से लौटा था। पुलिस ने उसे कुम्हरावंड स्थित क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया था। यहां से उसकी कोरोना पीसीआर जांच करवाई गई थी। मजदूर के पॉजिटिव होने पर उसे मेकॉज में भर्ती करवाया गया है। क्वारैंटाइन सेंटर को सील करते हुए इस इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है।



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ये तस्वीर छत्तीसगढ़ के इंद्रावती नदी पार नारायणपुर जिले के धुर नक्सलगढ़ गांव पीडियाकोट जाने वाले रास्ते की है। यहां के 300 से ज्यादा ग्रामीण राशन लेने 30 किमी पैदल दंतेवाड़ा जिले की तुमनार सरकारी दुकान आते हैं। अभी जून का राशन लेकर जा रहे हैं। एक परिवार में 35 किलो चावल दिया जाता है। इसके बाद बारिश में सबसे बड़ी चुनौती इंद्रावती नदी पार करना होगा। कई बार डोंगी पलटने से मौतें भी हुई हैं।


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