3 साल में बंद हो जाएगा 116 साल पुराना विवेकानंद स्कूल, खुलेगा अंग्रेजी स्कूल , June 29, 2020 at 04:00AM

शहर के बीच चल रहा 116 साल पुराना विवेकानंद स्कूल अगले 3 सालों में बंद कर दिया जाएगा। इसके पीछे का कारण ये बताया जा रहा है कि विवेकानंद स्कूल काे नवीन उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के रूप में स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए हिंदी माध्यम में पहली, छठवीं और नौवीं कक्षा में इस साल प्रवेश नहीं लिया जाएगा।
इससे पिछले साल इन कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चे आगे की कक्षाओं में चले जाएंगे और ये कक्षाएं बंद कर दी जाएंगी। ऐसे ही अगले साल पहली-दूसरी, छठवीं-सातवीं और नौवीं-दसवीं में दाखिला नहीं लिया जाएगा। यही क्रम लगातार जारी रहेगा और अगले 3 सालाें में माध्यमिक और हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल बंद हो जाएंगे, जबकि 4 सालों में प्राथमिक शाला बंद हो जाएगी।
इधर शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया भी चल रही है। हालांकि बस्तर जिले के सातों ब्लॉकों में मॉडल स्कूल चल रहे हैं, जहां बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है, इसके बावजूद शहर के एेतिहासिक स्कूल को अंग्रेजी माध्यम के रूप में तब्दील करते हुए यहां के लिए अलग से पूरे सेट-अप को खड़ा किया जा रहा है। संस्था के लिएसंविदा शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
1904 में हुई स्कूल की स्थापना, 1965 सेयहां हाईस्कूल की पढ़ाई होती आ रही है
विवेकानंद स्कूल की स्थापना 1904 में हुई थी। तत्कालीन समय में यहां सिर्फ प्राथमिक स्तर की पढ़ाई होती थी। इसके बाद धीरे-धीरे आगे चलकर शाला का उन्नयन होता चला गया और साल 1965 से यहां हाईस्कूल की शुरुआत हुई। इस दौरान शहर के कई प्रसिद्ध लोगों की तालीम भी इसी स्कूल से पूरी हुई। इसके बाद यहां हायर सेकेंडरी स्कूल भी शुरू किया गया। आजादी के 43 साल पहले से ये स्कूल संचालित होता रहा है, जिसके चलते देश की पराधीनता से स्वतंत्रता का साक्षी रहा है।
नए सिरे से शिक्षकों और स्टाफ की हो रही नियुक्ति
संस्था को नवीन उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के रूप में तब्दील करने के साथ ही यहां नए सिरे से स्टाफ की नियुक्ति करने की तैयारी भी की जा रही है। बताया जाता है कि अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में प्राथमिक और माध्यमिक के लिए 1-1 प्रधान अध्यापक और 4-4 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल में सभी विषयों के लिए एक-एक व्याख्याताओं की नियुक्ति होगी। संस्था के लिए प्राचार्य की नियुक्ति कर दी गई है। वहीं बच्चों के लिए सीटों की संख्या फिलहाल 40-40 रखी गई है।
ऑटोनॉमस बॉडी चलाएगी संस्था, शिक्षा विभाग सिर्फ मॉनिटरिंग करेगा, शिक्षकों और स्टाफ ने किया विरोध
इधर हिंदी माध्यम को बंद करने का विरोध वर्तमान संस्था विवेकानंद स्कूल के स्टाफ ने किया है। बताया जाता है कि संस्था को लेकर पिछले दिनों हुई बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यहां से आठवीं पास करने वाले बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में नौवीं कक्षा में दाखिला दिलवाना जरूरी होगा। इधर नए स्कूल का संचालन एक ऑटोनॉमस बॉडी द्वारा चलाने पर भी सहमति बनी है, जो हिंदी माध्यम भी चलाएगी। इस पर संस्था के 11 शिक्षकों सहित अन्य स्टाफ ने इस ऑटोनॉमस बॉडी के अधीन काम न के विकल्प भरा है। इसमें शिक्षा विभाग सिर्फ मॉनिटरिंग करेगा।
अंग्रेजी में पढ़ने के इच्छुक बच्चों को दिया जाएगा प्रवेश
जिला शिक्षा अधिकारी बीआर ध्रुव ने बताया कि हिंदी माध्यम के स्कूल के बच्चे जो अंग्रेजी माध्यम से पढ़ना चाहते हैं, उन्हें यहां दाखिला दिया जाएगा। ये व्यवस्था सरकार की योजना है, जिसके तहत काम किया जा रहा है। हिंदी माध्यम में नौंवी से बारहवीं तक की पढ़ाई जारी रहेगी। इसके अलावा प्राथमिक और माध्यमिक शाला के हिंदी माध्यम के बच्चे, जो अंग्रेजी माध्यम में नहीं पढ़ना चाहते, उन्हें दूसरी सरकारी संस्थाओं में शिफ्ट कर दिया जाएगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
116-year-old Vivekananda school will be closed in 3 years, English school will open


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2ZmrLYa

0 komentar