छुट्टी से लाैटे बीएसएफ के 3 जवान और बनारस से साले का अंतिम संस्कार कर कुम्हारी लौटा अधेड़ पॉजिटिव , June 22, 2020 at 04:09AM

जिले में रविवार को चार नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इस बार तीन कोरोना पॉजिटिव दूसरे जिले के हैं। दो कांकेर जिले के बीएसएफ जवान हैं जो श्रमिक स्पेशल ट्रेन दुर्ग में उतारे गए थे। इसलिए यहां क्वारेंटाइन हुए। एक रायपुर निवासी है जो अपने साले के अंतिम संस्कार करने बनारस से लौटा और खुद कुम्हारी के खाली मकान में क्वारेंटाइन हो गया। इनमें चौथा कोरोना संक्रमित दुर्ग जिले का है जो बीएसएफ का जवान है। तीन कोरोना पॉजिटिव को कोविड हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया।
दुर्ग जिले के खाते में तीन ऐसे कोरोना केस जुड़ गए जो यहां से ताल्लुक नहीं रखते। प्रशासन की व्यवस्था के तहत कांकेर जिले के लोगांें को श्रमिक स्पेशल ट्रेन में दुर्ग स्टेशन पर उतारा गया इसलिए वे यहीं क्वारेंटाइन हुए। रायपुर निवासी कोरोना संक्रमित एम्स में तीन दिन से भर्ती है और अपना इलाज करवा रहा है। इस तरह जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या इन लोगों को मिलाकर 93 से 97 पहुंच गई है। रविवार को भी सैंपल लिए गए हैं।

एक ही गांव में रहने वाले जवान और दोनों कोरोना पाजिटिव: कांकेर जिले में पदस्थ बीएसएफ दो जवान एक ही जगह जम्मू के रहने वाले हैं। दाेनों जवान 139 बटालियन कांकेर में कांस्टेबल के पद पर हैं। दोनों फरवरी महीने में अपने परिवार से मिलने के लिए छुट्टी लेकर गए थे। 3 जून को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से ये साथ लौटे। दुर्ग स्टेशन में उतरने के बाद इन दोनों जवानों को सेंटर में क्वारेंटाइन किया।

बनारस से साले की अंत्येष्ठि कर आया: रायपुर के 47 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव बनारस से अपने साले की अंत्येष्टि कर रायपुर आया। बनारस वह अपनी पत्नी, साले की पत्नी और अपने ससुर के साथ गए थे वहां से 10 जून को रायपुर ट्रेन से उतरे। सभी रायपुर के मकान में रूक गए और वे कुम्हारी के अपने खाली घर आ गए। यहां तबियत ठीक नहीं लगी तो वे एम्स रायपुर पहुंचे। यहां 19 जून को सैंपल लिया गया।

बिहार से लौटा बीएसएफ के एएसआई: 139 बटालियन दुर्ग सेक्टर के बीएसएफ में एएसआई 53 वर्षीय कोरोना संक्रमित हो गए। वह छुट्टी लेकर अपने परिवार से मिलने गया था। 9 जून को वह यहां ट्रेन से लौटा। 11 फरवरी को यहां से अपने घर गए थे और लॉकडाउन में वहां फंस गए। दुर्ग श्रमिक स्पेशल ट्रेन से यहां उतरे और जलेबी चौक बीएसएफ क्वारेंटाइन सेंटर में क्वारेंटाइन किए गए।

चिंता की बात: पत्नी और बच्चे रोज मिलने आते थे एम्स रायपुर :एम्स में भर्ती कोरोना पॉजिटिव की देखभाल के लिए उनकी पत्नी और बच्चे आते रहे। खाना भी घर से बनाकर उनके लिए लाते। इसके अलावा बनारस से जब ट्रेन से लौटे तो आसपास की सीटों में बैठे लोग उनके संपर्क में आए। इसी तरह श्रमिक स्पेशल ट्रेन में लौटे जवानों के साथ 20 जवान और लौटे है जिनकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।



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