लीवर और फेफड़े में था सिस्ट, एसीआई में 4 घंटे तक एक साथ की गई सर्जरी , June 23, 2020 at 06:03AM

अंबेडकर अस्पताल के एसीआई में 42 वर्षीय व्यक्ति के लीवर व फेफड़े में बना हाईडेटिड सीस्ट का सफल ऑपरेशन किया गया। चेस्ट व गैस्ट्रो सर्जन द्वारा एक साथ की गई सर्जरी के कारण मरीज को बार-बार बेहोश करने की जरूरत भी नहीं पड़ी। डॉक्टरों के अनुसार लीवर व फेफड़े में एक साथ हाइडेटिड सिस्ट होना रेयर केस है।
मरीज को स्वस्थ होने के बाद सोमवार को अस्पताल से छुट्‌टी दे दी गई। कार्डियो थोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि हाईडैटिड सिस्ट नामक बीमारी लीवर (यकृत) में कॉमन होता है। लीवर में इसके होने की संभावना लगभग 65 प्रतिशत तक होती है। वहीं फेफड़े में 10-15 प्रतिशत एवं मस्तिष्क व हृदय में कहीं पर भी हो सकता है। लेकिन फेफड़े व लीवर में होने की संभावना केवल 4 प्रतिशत तक ही होती है। कृमि जिसको इकाइनोकोकस ग्रेन्युलोसस कहा जाता है, उसके संक्रमण से हाइडैटिड सीस्ट होता है। कुत्ते के मल के जरिए यह लोगों में फैलता है। लीवर का सीस्ट निकालने के लिए गैस्ट्रो सर्जन डॉ. रोमिल जैन की मदद ली गई। सारागांव के व्यक्ति को खांसी के साथ सांस फूलने व पेट दर्द की शिकायत थी। पहले सिर्फ फेफड़े के ऑपरेशन के लिए प्लान किया गया क्योंकि सांस फूलने की शिकायत बहुत अधिक थी परंतु ऐसा करने से मरीज को दूसरी बार लीवर की सर्जरी करानी पड़ती। इससे खतरा भी बहुत था।
ऐसी हुई सर्जरी : एसीआई के ऑपरेशन थियेटर में सर्जरी की प्लानिंग करके सबसे पहले मरीज को डबल ल्युमेन एन्डोट्रेकियल ट्यूब की सहायता से बेहोश किया। मरीज के बेहोश होते ही डॉ. साहू ने बांयी छाती में चीरा लगाकर फेफड़े के सीस्ट को सर्जरी कर निकाला। फिर डॉ. जैन ने पेट में चीरा लगा कर लीवर के सीस्ट को निकाला। यह ऑपरेशन चार घंटे चला। मरीज का इलाज डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत हुआ।



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There was a cyst in liver and lungs, surgery done for 4 hours simultaneously in ACI


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