मां संक्रमित मगर कोख थी सुरक्षित, 9 दिन के नवजात को छू ना सका कोरोना , June 11, 2020 at 07:20AM

2 जून को कोविड-19 अस्पताल में चिंता और तनाव के बीच कोरोना पॉजिटिव मां की कोख से जिस बच्चे ने जन्म लिया था। बुधवार को 9 दिनों बाद कोविड को छकाकर स्वस्थ मां की गोद में बच्चा अस्पताल से बाहर निकला। सारंगढ़ से मेकाहारा में 31 मई की रात भर्ती कराई गई महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। बाद में इस महिला को एमसीएच अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। डॉक्टर्स के मुताबिक पॉजिटिव की कोख से पैदा होने वाले बच्चा पॉजिटिव नहीं होता है। बेहतर देखभाल के कारण आखिर तक बच्चे को संक्रमण से बचाए रखा गया।
2 जून की रात में तीन बजे डाॅक्टरों ने आपरेशन कर स्वस्थ्य बच्चे को जन्म कराया। कोविड हास्पिटल में संक्रमित महिला के नवजात की विशेष देखभाल की जा रही थी। पास के कमरे में ही पिता को संदेही मानते हुए रखा गया था। संक्रमित महिला और नवजात शिशु की रिटेस्टिंग जांच कराने के लिए 7 जून को सैंपल भेजा गया था। माइक्रोबायोलॉजी लैब से 8 जून को पहली रिपोर्ट दोनों की निगेटिव आई थी। इसके बाद मंगलवार को दोबारा से सैंपल जांच के लिए भेजा गया। बुधवार दोपहर बाद दोनों की रिपोर्ट निगेटिव बताई गई। मेडिकल कॉलेज से जांच रिपोर्ट आने के बाद एमसीएच (कोविड हास्पिटल) में डाॅक्टरों ने छुट्टी की तैयारी शुरू कर दी। महिला की रिपोर्ट निगेटिव आने से जितना उसका परिवार खुश नजर आया, अस्पताल के डाॅक्टर व कर्मी भी खुश थे।

महिला बोली: अस्पताल में घरवालों जैसी देखभाल की मेडिकल टीम ने
छुट्टी के बाद घर जाते वक्त महिला भावुक हो गई। उसने डॉक्टर्स के साथ नर्स और दूसरे स्टाफ को 9 दिनों तक बच्चे की देखभाल करने के लिए धन्यवाद कहा। वह बोली, ऐसा लगा मेडिकल टीम का परिवार और बच्चे से कोई रिश्ता हो। स्टाफ नर्सों ने किसी भी तरह का भेदभाव नहीं बरता। बच्चे के रोने की आवाज सुन मेडिकल स्टाफ उसे संभालने के लिए दौड़ पड़ता था। डॉक्टर्स ने भी महिला और उसके पति को समझाया कि उन्हें 7 दिनों तक आइसोलेशन में रहना है।

घर पर व्यवस्था नहीं, रायगढ़ में आइसोलेट रखेंगे 7 दिन
कोविड-19 के डाॅक्टरों ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों की छुट्टी की गई है। लेकिन घर में अलग से रहने की व्यवस्था न होने पर स्वास्थ्य विभाग उसे 7 दिनों तक शहर में ही आइसोलेशन में रखेगा। इसके लिए सीएमएचओ को जानकारी दी गई है। सीएमएचओ डाॅ. एसएन केशरी ने बताया कि महिला के घरवालों से संपर्क किया गया है। व्यवस्था न होने पर देर शाम ही उसके अलग से रहने का बंदोबस्त किया जाएगा।
यादगार लम्हों के लिए नर्सिंग स्टाफ ने सेल्फी ली
नवजात और उसकी मां की छुट्टी होने के समय जैसे ही वह अस्पताल से बाहर निकल आई तो कोविड-19 (वैश्विक महामारी) के दौर को देखते हुए एक यादगार पल को हमेशा बनाए रखने के लिए स्टाफ नर्सों ने सेल्फी लेनी शुरू कर दी। एक स्टाफ नर्स ने भास्कर को बताया कि जिस तरह उन्होंने खुद को खतरे में डालकर, अपने परिवार से दूर रहकर इनकी देखभाल की, उस लम्हे को वह हमेशा के लिए अपने पास रखना चाहती हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Mother infected but womb was safe, corona could not touch 9 day old newborn


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3f9bOuT

0 komentar