छग में बढ़ेगी सहकारी बैंकों की संख्या लोगों की सहूलियत, राजस्व वृद्धि पर जोर , June 16, 2020 at 05:18AM

पी.श्रीनिवास राव/ कौशल स्वर्णबेर ।राज्य सरकार सहकारी बैंकों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रही है। अभी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत छह सहकारी बैंक हैं। इनमें साल में 15 से 20 हजार करोड़ का लेन-देन होता है। आरबीआई की गाइडलाइन के आधार पर यदि बैंकों का बंटवारा हुआ तो 10 से 15 बैंक संचालित किए जा सकते हैं। इस मामले में सरकार अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है, क्योंकि कोरोना के कारण मानसून सत्र में कुछ देरी हो सकती है। इस मुद्दे पर मंत्री स्तरीय समिति ने कवायद शुरू कर दी है। सोमवार को वन मंत्री मोहम्मद अकबर के साथ सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बैठक कर प्रारूप पर चर्चा की।
सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को खाद-बीज, ट्रैक्टर समेत खेती से संबंधित लोन व धान बोनस का वितरण किया जाता है। कांग्रेस सरकार आई है तब से बैंकों का कामकाज बढ़ गया है। धान बोनस के रूप में 6100 करोड़ बांटने के बाद से ही इन बैंकों में जान आ गई है। राजधानी रायपुर के बैंक में चार से पांच हजार करोड़ रुपए का लेन-देन होता है। इसी तरह दुर्ग, राजनांदगांव, जगदलपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर के बैंकों में भी सालाना दो से ढाई हजार करोड़ से अधिक का लेनदेन होता है। वहीं रायपुर बैंक से पिछले साल किसानों को लगभग 35 सौ करोड़ का ऋण बांटा जा चुका है। सहकारिता मंत्री डॉ.टेकाम का कहना है कि सीएम भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश में सहकारी बैंकों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए विभाग के अफसरों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है।
अध्ययन के बाद बैंकों की संख्या बढ़ाएंगे: टेकाम : सीएम के निर्देश के बाद प्रदेश में सहकारी बैंकों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में अफसरों को आरबीआई की गाइडलाइन का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट का अध्ययन कर जहां की रिपोर्ट अच्छी होगी वहां पर सहकारी बैंक खोले जा सकते हैं।

1000 करोड़ का लेन-देन जरूरी
जानकारों का कहना है कि बैंकों के संचालन के लिए कम से कम एक हजार करोड़ का सालाना लेनदेन होना चाहिए। इसके अलावा किन-किन मुख्यालयों में ज्यादा लोग इससे लाभान्वित हो सकते हैं इसका भी परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद बैंक खोलने पर विचार किया जा सकता है।



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