मेडिकल स्टॉफ में बढ़ा संक्रमण, जेएलएन मेडिकल कॉलेज के डीन बोले- प्रशिक्षण के बाद भी कर रहे गलतियां; फ्लू जैसे लक्षण दिख रहे हों तो घर में नहीं बनाएं खाना  , June 16, 2020 at 12:37PM

छत्तीसगढ़ में मेडिकल स्टॉफ भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहा है। रायपुर एम्स सहित अंबेडकर अस्पताल, सिम्स और माना कोविड सेंटर में पिछले कुछ दिन में डॉक्टर, रेसीडेंट, इंटर्न, वार्डन, स्टाफ नर्स और टेक्नीशियन से लेकर गार्ड तक पॉजिटिव हुए हैं। इसको लेकर डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। इस बीच पं. जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज की ओर से इसके लिए डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की ही गलती बताई गई है।

ये तस्वीर बिलासपुर रेलवे स्टेशन की है। सोमवार को ट्रेन आने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं। लोग भीड़ लगाकार बैठे रहे। स्टेशन के अंदर जाने से पहले सैनिटाइजेशन और तमाम जद्दोजहद की जा रही है, वहीं आने वालों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। इसके लिए उन्हें समझाने वाला भी कोई नहीं था।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विष्णुदत्त कहते हैं कि डॉक्टरों के लिए पीपीई किट समेत अन्य सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए गए हैं। चूक इन्हें उतारने के दौरान ही हो रही है। डॉक्टर्स समेत पूरे स्टाफ को प्रशिक्षण देने के बावजूद वो गलतियां कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बात में डॉ. विष्णुदत्त ने सैंपल जांच में देरी के लिए प्रॉपर चैनल को दोषी माना। उन्होंने कहा, लैब में तीन शिफ्ट में जांच कराई जा रही है। फिर भी गड़बड़ी स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य जगहों से हो रही है।

15 दिन में काेरोना संक्रमण के 1268 नए मामले मिले
छत्तीसगढ़ में सोमवार को देर रात तक मरीजों की संख्या बढ़कर 1717 पर पहुंच गई है। इनमें से 875 अस्पताल में भर्ती हैं। प्रदेश में 1 से 15 जून के बीच केवल 15 दिनों में ही 1268 नए मरीज मिले हैं। जबकि 10 मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ज्यादातर मौतों के पीछे काेरोना को कारण नहीं मानता है। एम्स डायरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागरकर कहते हैं कि जितनी भी मौत यहां हुई है, वे मरीज दूसरी बीमारियों से पीड़ित थे।

खाना बनाते वक्त मोबाइल पर बात न करें
अगर फ्लू यानी बुखार जैसे लक्षण हैं तो घर में खाना नहीं बनाए। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने नई गाइडलाइंस जारी की है। घर में खाना बनाते वक्त बर्तनों, सब्जी काटने वाले चाकू की सफाई पर खास ध्यान दें। पके हुए खाने को ढंक कर रखें, हमेशा गर्म करने के बाद ही भोजन करें। स्वाद की जांच के लिए अंगुली की जगह चम्मच का इस्तेमाल करें। खाना बनाते वक्त मोबाइल पर बात न करें।

छत्तीसगढ़ में कोरोना अपडेट
रायपुर :
प्रशासन का मानना है कि छूट मिलने के बाद लापरवाही बढ़ी है। ऐसे में मंगलवार से सख्ती कर दी गई है। मास्क नहीं लगाने, थूकने पर 100 रुपए, बेवजह घूमने, सोशल-फिजिकल डिस्टेंसिंग नहीं रखने पर 200 रुपए, दोपहिया वाहनों पर दो या अधिक सवारी व कारों में तीन से ज्यादा सवारी पर 500 रुपए जुर्माना देना होगा। दुकानों पर नियमों का पालन नहीं होने पर पहली बार में 500, दूसरी बार में 1000 और तीसरी बार में दुकान सील की जाएगी।

ये तस्वीर बिलासपुर की है। हालांकि प्रदेश के ज्यादातर जिलों में छूट मिलने के बाद ऐसा ही नजारा है। इसे देखत हुए अब रायपुर प्रशासन सख्त हो गया है। बाइक पर एक से ज्यादा लोग होने पर 500 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा।

बिलासपुर : बुधवारी बाजार व्यापारी संघ की बैठक में साथी व्यापारियों को सचेत किया कि वे शासन-प्रशासन और संघ की ओर से निर्धारित किए जा रहे नियमों का पूरी तरह से पालन करें। बाजार शाम 7 बजे पूर्ण रूप से बंद हो जाएगा। 7 बजे के बाद खुली दुकानों पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही दवा दुकान को छोड़कर हर शनिवार को बाजार की सभी दुकानें बंद रहेंगी। दूध डेयरी शनिवार को दोपहर 12 बजे तक खोल सकते हैं।

भिलाई : जामुल क्षेत्र के ग्राम खेरधा के कंटेनमेंट जोन में शराब बेचते बुजुर्ग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी स्थानीय निवासी 52 वर्षीय भोंदू सतनामी है। उसके घर में दबिश देकर पुलिस ने 5.50 लीटर देशी मसाला शराब जब्त की गई। वहीं एक अन्य घटना में नंदिनी-खुंदनी गिरहोला मार्ग पर 60 पौवा शराब के साथ आरोपी बीरबल पिता उतरा जांगड़े को पुलिस ने पकड़ा।

रायगढ़ : धरमजयगढ़ व सारंगढ़ क्षेत्र के क्वारैंटाइन सेंटरों से भाग कर घर पहुंचे दंपती सहित 4 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। चारों को दोबारा सेंटर में भेजा गया है। सिसरिंगा क्वारैंटाइन सेंटर के कंटेनमेंट जोन में आने पर 28 जून तक वहां रहना जरूरी है, लेकिन सोहनपुर का कुलदीप कुजूर व उसकी पत्नी निर्मला खेस भाग गए। दूसरे मामले में सारंगढ़ के सिंघनपुर सेंटर से विश्वनाथ महेश व गोवर्धन बंजारे भाग गए और गांव में घूम रहे थे।

जांजगीर-चांपा पोता निवासी धरम सिंह चौहान परिवार के सात लाेगाें के साथ राजस्थान के अलवर कमाने गया था। वहां से लाैटने के बाद क्वारैंटाइन से बचने के लिए वह रायगढ़ के छाल के गड़ाईनबहरी में अपने रिश्तेदार के यहां आ गया। जानकारी हाेने पर ग्रामीणाें ने इसकी सूचना उप सरपंच दिलीप सारथी और छाल थाने में दी गई।


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बिलासपुर में मस्तूरी के कोकणी ग्राम पंचायत में पूरी रात 250 मजदूरों को भूखा रखा गया। मजदूरों ने कहा खाना बना कर भी नहीं दिया। इसमें नवजात बच्चे से लेकर महिलाएं तक शामिल हैं। यह सभी मजदूर क्वारैंटाइन सेंटर में हैं इनका कहना है कि पानी तक घर से मंगाकर पीना पड़ रहा है।


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