कांग्रेस सरकार पर प्रदेश अध्यक्ष साय, कौशिक और बृजमोहन बरसे , June 18, 2020 at 06:15AM

राहुल बताएं, रात को अंधेरे में चीन के राजदूत से क्यों मिले थे : साय
प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने पीसीसी चीफ मोहन मरकाम से पूछा है कि कांग्रेस स्पष्ट करे कि वह किसके साथ खड़ी है? पूरा देश लद्दाख के गलवान घाटी में चीन के साथ हुई लड़ाई में जवानों की शहादत पर पर दुखी है। ऐसे मौके पर पूरा देश भारतीय सेना के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है, लेकिन कांग्रेस ऐसे वक्त में भी देश और सेना को बदनाम करने का एक मौका नहीं छोड़ रही है, यह शर्मनाक है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के भी चीन से क्या संबंध हैं, यह स्पष्ट करना चाहिए। मरकाम बताएं कि जब भारत और चीन के बीच डोकलाम में विवाद चल रहा था, तब तत्कालीन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल ने आधी रात को अंधेरे में तत्कालीन चीनी राजदूत से क्यों मुलाकात की थी?
सरकार के सिर्फ दो ही काम, चिट्‌ठी और आरोप: कौशिक नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार के पास सिर्फ दो ही काम रह गए हैं। एक रोज केंद्र को चिठ्ठी लिखना और दूसरा रोज केंद्र सरकार पर बेसिरपैर के आरोप लगाकर प्रलाप करना। सरकार खुद कुछ काम नहीं कर रही है और झूठी वाहवाही बटोरने में लगी है। रेत, शराब और जमीन माफिया सिर उठाकर चल रहे हैं।

विकास के काम नहीं, लॉकडाउन में बही शराब की नदियां: बृजमोहन
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को जनसंवाद में रायपुर ग्रामीण के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने विकास के नाम पर एक बोरी सीमेंट भी नहीं लगाई, लेकिन लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के दौर में शराब की नदियां बहाई। नरवा गरुवा घुरवा बारी के बाद अब रोका-छेका की बात कहकर प्रदेश को भरमाने में लगे हैं, लेकिन गौठानों में चारे का इंतजाम नहीं है। बृजमोहन ने कहा कि सरकार को जनता की नहीं, बल्कि अपनी चिंता है। आज प्रदेश में हर कोई परेशान है। बेरोजगारी भत्ता देने और महिला स्व-सहायता समूहों के कर्ज माफ करने के वादे को भुला चुकी प्रदेश सरकार किसानों को उनके धान के मूल्य का एकमुश्त भुगतान नहीं कर किसानों के पैसों पर डाका डाल रही है। कांग्रेस सरकार अपने किसी भी वादे पर खरी नहीं उतरी है। विकास के सारे काम ठप पड़े हैं। कांग्रेस के लोग चाहे जिस तरह पैसा कमाने के इकलौते एजेंडे में लगे हुए हैं। सरकार लोगों की सुरक्षा तो कर नहीं पा रही, अब प्रदेश के जंगल भी शिकारगाह बन गए हैं। हाल ही में छह हाथियों की मौत शर्मनाक है। कार्यकर्ता राज्य की इन नाकामियों को भी लोगों को बताएं।



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