करंट से मारा गया हाथी गणेश नहीं, बेंगलुरु से आए एक्सपर्ट करेंगे पीएम, आरोपी ग्रामीण गिरफ्तार , June 19, 2020 at 11:04AM

धरमजयगढ़ के छाल रेंज के बेहरामार गांव में एक नर दंतैल हाथी की मौत हो गई। सुबह हाथी के ज्यादा कटहल खाने और पेट में गैस बनने से मौत की चर्चा थी, दोपहर को डॉक्टरों को टीम कोरबा से आई। शाम 6 बजे बेंगलुरु फोरेंसिक के दो एक्सपर्ट डॉ. पराग हबेल और डा. अरुण पहुंचे। हाथी के शरीर और पैरों की प्रारंभिक जांच के बाद एक्सपर्ट्स ने मौत की वजह करंट लगना बताया। वन्य प्राणी संरक्षण कार्यकर्ता गोपाल अग्रवाल ने देर रात बताया कि एक ग्रामीण को गिरफ्तार किया गया है।
अंधेरा होने के कारण एक्सपर्ट और छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों ने शुक्रवार को पीएम के बाद हाथी के अंतिम संस्कार की बात कही है। धरमजयगढ़ में तीन दिन के भीतर यह दूसरी हाथी की मौत है। दो दिन पहले धरमजयगढ़ के गेरसा गांव में अवैध कनेक्शन की चपेट में आने से 10 वर्षीय नर हाथी की मौत हुई थी। इसके बाद इसी तरह छाल बेहरामार में यह दूसरी घटना है। लगातार हो रही हाथियों की मौत के बाद पूरे फारेस्ट विभाग में खलबली मची हुई है। दिनभर कयास लगते रहे लेकिन एक्सपर्ट्स ने आने के बाद हाथी के शव को पलटा तो गले में करंट से जलने के निशान दिखे। स्थानीय अफसरों ने बताया कि मारा गया हाथी उत्पाती गणेश नहीं है।

16 जून को ओडिशा से आए दो हाथी, अब कुल 72
धरमजयगढ़ वन मंडल में गुरुवार शाम तक की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 72 हाथी विचरण कर रहे हैं। 16 जून को 2 हाथी ओडिशा से आए हैं। सबसे बड़ा 24 हाथियों का दल धरमजयगढ़ के पंडरीपानी गांव के नजदीक विचरण कर रहा है। इस दल में प्रथम भी शामिल है। इसके अलावा धरमजयगढ़ रेंज में ही 14 हाथियों का एक और दल चैनपुर के नजदीक विचरण कर रहे हैं। कापू में भी 14 हाथियों का दल लंबे समय से डटा हुआ है। कुल 26 नर 28 मादा और 18 शावक वर्तमान में मौजूद है।

आठ साल में हाथियों के उत्पात से नुकसान

  • 109 मौतें, 2 करोड़ 47 लाख रु. मुआवजा
  • 41 घायल, 6 लाख सात हजार रु.
  • 2467 मकान, 4 करोड़ 63 लाख रु.
  • 20498 फसल, 7 करोड़ 20 लाख रु. मुआवजा

कार्रवाई के डर से ग्रामीणों ने छिपाया बिजली का तार
वन्य प्राणी संरक्षण समिति से जुड़े गोपाल अग्रवाल बेहरामार गांव गए थे। उन्हें मौके पर बच्चों ने बताया कि हाथी की मौत बिजली के तार से हुई है। इसकी जानकारी विभाग को न हो इसलिए अफसरों के आने से पहले ग्रामीणों ने सुबह छह बजे तार छिपा दिए। उन्होंने डीएफओ पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है।
धरमजयगढ़ वन मंडल में 8 साल में मरे 37 हाथी
2011 से लेकर अबतक वन मंडल में कुल 37 हाथियों की मौत हो चुकी है। मौत के कारण जंगली सुअर व खेत की सुरक्षा के लिए बिछाए बिजली के तार तार, अवैध कनेक्शन से हुई है। इसके अलावा कुछ हाथियों की स्वाभाविक मौत विभाग के अफसरों द्वारा बताई जाती है। जबकि इसकी तुलना में दूसरे वन्य जीवों की मौत के आंकड़े क्षेत्र में बेहद कम हैं।

एक्सपर्ट की जांच के बाद स्पष्ट होगा
"हाथी की मौत की सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंच गए है। बाहर से एक्सपर्ट आ रहे हैं, उनकी जांच के बाद स्पष्ट होगा कि मौत कैसे हुई है। देखने पर इसे लोग गणेश बता रहे हैं, लेकिन यह डोजियर से मिलान करने के बाद ही हम सही जानकारी दे पाएंगे।''
-प्रियंका पांडे, डीएफओ वन मंडल धरमजयगढ़



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Elephant killed by current not Ganesh, PM will come from Bengaluru, accused villagers arrested


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