जंगल के रास्ते घर लौट रहा था श्रमिक, करंट की चपेट में आया तो बच्ची को फेंककर बचाया और अपनी जान गंवाई , June 22, 2020 at 08:52AM

जिले में रविवार को एक श्रमिक की मौत हो गई। वह जंगल के रास्ते अपने गांव लौट रहा था। तभी करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने जंगल में सुअर मारने के लिए करंट वाली तार बिछा रखी थी। इसी के संपर्क में आने की वजह से युवक की जान चली गई। घटना स्थल पर एक जंगली सुअर भी मरा पड़ा मिला। घटना मड़वारानी जंगल के पास हुई। युवक के करंट की चपेट में आने के बाद उसके साथ लौट रहे अन्य श्रमिक साथी भाग गए। उरगा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तस्वीर घटना स्थल की है। यहां जंगली सुअर की भी करंट से मौत हो गई।
तस्वीर घटना स्थल की है। यहां जंगली सुअर की भी करंट से मौत हो गई।

मृतक का नाम दिलहरण है। वह परिवार समेत प्रयागराज से वापस लौट रहा था। घर से ठीक आधा किलोमीटर पहले कुरिहापार भैसामुड़ा के पास वह करंट की चपेट में आ गया। ग्रामीण इस तकनीक का इस्तेमाल जंगली सुअर के शिकार के लिए करते हैं। हादसे के वक्त 5 साल की मासूम बच्ची भी उसकी गोद में थी । करंट लगते ही उसने बच्ची को दूर फेंक दिया और उसकी जान बच गई। मृतक के साथ उसकी पत्नी सुमित्रा व गांव का लक्ष्मी नारायण नाम का युवक अपनी पत्नी दिलवाई धनवार के साथ लौट रहा था। यह लोग जंगल की ओर से गांव में आ रहे थे, ताकि क्वारैंटाइन सेंटर ना जाना पड़े।



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तस्वीर कोरबा के मड़वारानी इलाके की है। श्रमिक के परिजन अब जंगल की तरफ से आने के फैसले पर अफसोस जता रहे है, दूसरी तरफ करंट बिछाने वाले ग्रामीणों पर कार्रवाई की मांग भी तेज हो रही है।


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