किसी ने 15 भाषाओं के 278 पंचांग कलेक्ट किए तो किसी ने भारतीय दर्शन का छत्तीसगढ़ी में किया अनुवाद , July 31, 2020 at 05:42AM

तीन देशों की 15 भाषाओं के 278 पंचांग किए कलेक्ट, 100 से ज्यादा पंडितों से की मुलाकात
भारत सहित तीन देशों के पंचाग के कलेक्शन के लिए 65 साल की शुभांगी आप्टे का नाम लिम्का बुक में दर्ज किया गया है। लॉकडाउन के दौरान ही उन्होंने ये रिकॉर्ड बनाया। उनके पास 15 भाषाओं के 278 पंचांग का कलेक्शन है, जिसमें 100 साल पुराना पंचाग भी शामिल है। वे ऐसी इकलौती शख्सियत हैं जिनके पास इतनी भाषाओं के इतनी बड़ी मात्रा में पंचांग उपलब्ध हैं। शुभांगी ने बताया, तीन साल पहले मेरी एक परिचित किसी खास वजह से 10 साल पुराना पंचांग ढूंढ रही थी। उसके लिए पंचांग ढूंढने के लिए मैंने कुछ पंडितों से बातचीत की। इसी दौरान पंचांग कलेक्शन का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का ख्याल आया। तीन सालों से पंचांग कलेक्ट कर रही थी। इसके लिए 100 से ज्यादा पंडितों से मुलाकात की होगी। कई बुक स्टॉल के भी चक्कर काटे। अब तो स्थिति ये है कि कई पंडित पिछले सालों के पंचांग की जरूरत होने पर मुझे कॉल करते हैं। लॉकडाउन हुआ तो सारे पंचांग काउंट किए और लिम्का बुक की टीम से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड बनाने के लिए आपके पास कम से कम 100 पंचांग होना जरूरी है। मेरे पास 278 थे। मैंने उनको सारी जानकारी व वीडियो भेजा और रिकॉर्ड बन गया।

13 भारतीय दर्शन का छत्तीसगढ़ी में किया अनुवाद

52 साल की डॉ. लक्ष्मी तिवारी ने 13 भारतीय दर्शन का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। ऐसा करने वालीं वे इकलौती रिकॉर्ड होल्डर हैं। उन्होंने बताया, मुझे भारतीय दर्शन में गहरी रुचि है। छत्तीसगढ़ी भाषा से भी लगाव है। दो साल पहले ख्याल आया कि भारतीय दर्शन को छत्तीसगढ़ी में अनुवाद करूं तो राज्य के हजारों लोग इसे अपनी भाषा में पढ़ने का लाभ उठा सकेंगे। वेदान्त, न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा, वैष्णव, श्रौत, गीता, जैन, बौद्ध, चार्वाक और कौल दर्शन जैसे 13 भारतीय दर्शन का छत्तीसगढ़ी अनुवाद किया। भारतीय दर्शन छत्तीसगढ़ी में... व्याख्या शीर्षक से किताब प्रकाशित की। इसमें पिता डॉ. शिवकुमार त्रिपाठी के अलावा छत्तीसगढ़ी भाषा के चार जानकार लोगों की मदद ली। कई शब्द ऐसे थे, जिनका छत्तीसगढ़ी अनुवाद ढूंढने में काफी वक्त लगा। कुछ लोगों की सलाह पर लॉकडाउन में रिकॉर्ड बनाने के लिए मैंने आवेदन किया और रिकॉर्ड बनाने में कामयाब भी रही।

ट्रैफिक रेडियो के 2500 दिन पूरे करने पर बनाया रिकॉर्ड
लोगों को ट्रैफिक रूल्स समझाने और शहर साफ रखने के लिए प्रेरित करने के मकसद से सुरक्षित भव: फाउंडेशन ने 2013 से ट्रैफिक रेडियो की शुरुआत की थी। शहर के 10 से ज्यादा चौक-चौराहों पर संस्था ने लाउड स्पीकर लगाया है, जिसमें सुबह 10 से रात 10 बजे तक ट्रैफिक रूल्स समझाए जाते हैं। संस्था के चेयरमैन संदीप धुप्पड़ ने बताया, जब हमने ये पहल शुरू की थी तब कई लोग ऐसे भी थे जो ये कहते थे कि ये एक साल भी नहीं चलेगा। लॉकडाउन के दौरान इस पहल के लगातार 2500 दिन पूरे हुए। इससे रोज हजारों लोगों को ट्रैफिक रूल्स समझाए जाते हैं। लॉकडाउन में खाली समय में अवॉर्ड के लिए अावेदन किया। डॉक्यूमेंट सबमिट करने के बाद जुलाई महीने में ही चैंपियंस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, होप इंटरनेशनल वर्ल्ड रिकॉर्ड, इनफिनिटी बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकार्ड में जगह मिली है।

ऐसे करें वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा

  • जिस भी बुक में रिकॉर्ड दर्ज करवाना चाहते हैं उसकी टीम से ईमेल आईडी, वेबसाइट या कॉन्टैक्ट नंबर से संपर्क कर सबसे पहले ये पता करिए कि जिस काम के लिए आप रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं उसमें पहले से क्या कोई रिकॉर्ड बना है या नहीं, अगर कोई रिकॉर्ड बन चुका है तो आपको उसे तोड़ने का लक्ष्य निर्धारित करना होगा।
  • जिस भी काम के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं उसे साबित करने के लिए डॉक्यूमेंट और वीडियो सबमिट करना होगा। रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट देने वाली टीम को भी रिकॉर्ड बनाने के दौरान आमंत्रित कर सकते हैं। टीम बुलाने पर रहने-खाने का खर्च आपको उठाना पड़ेगा।
  • गिनीज बुक में अपने नाम रिकाॅर्ड दर्ज करवाने के लिए guinnessworldrecords.com/contact/application-enquiry पर विजिट करें।
  • लिम्का बुक में रिकाॅर्ड दर्ज करने के लिए https://ift.tt/3hT1ZT2 पर आवेदन करें।
  • गाेल्डन बुक में नाम दर्ज करवाने goldenbookofrecords.com/set-a-record/ पर विजिट करें। स्टेट रिप्रजेंटेटिव सोनल शर्मा से 9826706405 पर संपर्क कर सकते हैं।
  • चैंपियंस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए championsbookofworldrecords.com/set_a_record.php पर आवेदन कर सकते हैं।


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The goal of creating a world record completed in lockdown; Collected 278 almanacs from 15 languages,


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