महिलाओं ने घेराव कर 3 घंटे बिजली ऑफिस नहीं खोलने दिया, 3 गांव का ट्रांसफॉर्मर साथ लेकर लौटीं , July 04, 2020 at 04:00AM

27 पंचायतों की बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को बिजली ऑफिस का घेराव कर दिया। बिजली समस्या को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी, पंचायत सरपंच, जनपद सदस्य जमीन पर बैठ गए। महिलाओं ने 3 घंटे तक दफ्तर का ताला खोलने नहीं दिया। इनकी नाराजगी से अफसर भी एक कोने में सहमे रहे।
मालूम हो कि इन पंचायतों में 30 हजार ग्रामीणों को बिजली की समस्या से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई पंचायत क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां 2 साल से ट्रांसफॉर्मर खराब पड़े हैं। बिजली की समस्या को लेकर जनपद सदस्य, सरपंच और जिला पंचायत उपाध्यक्ष के साथ 40 ग्रामीणों ने बिजली ऑफिस का घेराव कर तुरंत ट्रांसफाॅर्मर लगाने की मांग की। इस दौरान जमीन पर बैठे जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों को मनाने के लिए बिजली विभाग के एई और जेई दोनों जमीन पर बैठ गए, लेकिन ग्रामीण एक महीने के भीतर समस्या सुधारने के लिखित आश्वासन के बाद माने। महिलाओं की नाराजगी पर 3 गांव का ट्रांसफॉर्मर विभाग ने तुरंत देकर बिजली कर्मचारियों को रवाना किया। गौरतलब है कि बारिश में सबसे अधिक सर्प दंश के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में खराब ट्रांसफाॅर्मर बारिश शुरू होने से पहले ही बदल देना चाहिए था। विरोध-प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी, जनपद सदस्य संजय पैकरा, कमलकांत ने ज्ञापन सौंपते हुए अधिकारियों से कहा कि यदि लिखित आश्वासन के बाद भी बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी, तो आंदोलन करेंगे। पंचायतों में बिजली व्यवस्था के पूरी तरह फेल होने की मुख्य वजह बताई जा रही है कि बिजली विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में ट्रांसफाॅर्मर उपलब्ध नहीं हैं। वहीं बात जिले 6 तहसील की करें, तो यहां 100 से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां ट्रांसफाॅर्मर खराब हैं। समय पर मरम्मत नहीं होने से इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। लगातार शिकायत करने करने के बाद भी बिजली विभाग की लापरवाही से त्रस्त ग्रामीणों के पास दफ्तर का घेराव और आंदोलन जैसे कदम ही बाकी हैं।

जीव-जंतुओं के कारण खतरे में ग्रामीणों की जान
चारपारा, तंजीरा, बरपारा, कदमनारा, झरनापारा, बुढ़ार, कसरा, टेंगनी, जटासेमर, गोल्हाघाट, सकला, जयपुर, सांवारावा, कटकोना, आमापारा, पटना, रनई, मुरमा, बुड़ार, कुड़ेली, जामपानी, जटासेमर, सरभोका, बासन, तेंदुआ, सोरगा, खोड़ समेत कई एैसे गांव हैं, जहां ग्रामीण बारिश के शुरू होते ही बिजली की समस्या से जूझने लगते हैं। इन गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि पूरी गर्मी बिना बिजली के बीत गई, लेकिन अब बारिश शुरू होने के साथ ही कीड़े-मकोड़े, सांप-बिच्छू के निकलते रहते है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर साल सर्पदंश लोगों की जान चली जाती है। एैसे में बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही से ग्रामीण की जान खतरे में रहती है।

जिले के 6 ब्लाॅक कायही हाल, अफसर बेपरवाह
यही हाल मनेंद्रगढ़, खड़गवां, सोनहत और भरतपुर के ग्रामीण क्षेत्रों का है। हवा और बारिश के होते ही पावर कट होने के बाद कई-कई घंटों तक बिजली गुल रहती है। इसकी शिकायत करने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं।

व्यवस्था सुधार रहे है, थोड़ा समय लगेगा
बैकुंठपुर एई रामकुमार गोगरिया ने बताया कि 3 गांव में ट्रांसफाॅर्मर बदलने तत्काल कर्मचारियों को रवाना करने के साथ ही अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में नए ट्रांसफाॅर्मर आने के बाद बदल दिया जाएगा। जहां तार टूटे हों या पोल गिर गए हैं, उसे बदलने कर्मचारी काम कर रहे हैं। व्यवस्था ठीक करने में थोड़ा समय तो लगता ही है।

बिजली विभाग के एई को सौंपा ज्ञापन, महिलाओं ने ट्रांसफाॅर्मर बदलने की मांग की
पटना| महीनों से बंद बिजली व्यवस्था में सुधार कराने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत तमजीरा निवासी सुनीता, बेला, उर्मिला, कलावती, लक्ष्मनिया, विजय, लक्ष्मी, मानमती, दिलबसिया, खंधौरा निवासी प्रदीप केरकेट्टा बसंत सिंह, अर्जुन सिंह, बुड़ार निवासी अरुण कुमार, मिथलेश कुमार, राजेश ने बताया कि खंधौरा व जामपानी में पिछले दो महीने से और बुड़ार में 1 महीना से ट्रांसफॉर्मर खराब होने से बिजली सप्लाई बंद है। यहां 3 हजार से अधिक ग्रामीण परिवार रात के अंधेरे में लालटेन के सहारे गुजारा कर रहे हैं। गौरतलब है कि बिजली व्यवस्था ठप होने से धान कुटाने, गेहूं पिसाने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है। खराब ट्रांसफाॅर्मर को सुधारने संबंधित विभाग के अधिकारी से लेकर कर्मचारियों का चक्कर लगाकर परेशान हो गए हैं। इसके बाद भी ट्रांसफाॅर्मर का न तो अभी तक सुधारा गया है और ना ही बदला जा रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों के विरोध के बाद ज्ञापन लेते हुए एई ने कहा कि सप्ताह भर के भीतर ही खराब ट्रांसफाॅर्मर का सुधार करा दिया जाएग।

पुलिस ने पहुंचकर लोगों को दी समझाइश
शुक्रवार सुबह 10 बजे ग्रामीण कार्यालय में अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इसके चलते कार्यालय का ताला 3 घंटे देर से खुला। मामला शांत करने तत्काल 3 पंचायत का ट्रांसफाॅर्मर गाड़ी में लोडकर बदलने के लिए रवाना कर दिया और बाकी के बचे गांव में 2 सप्ताह के भीतर ट्रांसफॉर्मर बदलने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण धरना स्थल से उठे। ग्रामीणों के विरोध की खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइस दी।

इन समस्याओं से ग्रामीण परेशान, सुनवाई नहीं होती
कहीं लो-वोल्टेज, तो कहीं ट्रांसफाॅर्मर वहीं कहीं तार टूटने की समस्या से पावर कट होने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान हो रहे हैं। बारिश के आते ही एैसी समस्या से हर साल लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन बिजली विभाग इसका स्थायी समाधान नहीं कर रहा है।कई गांव एैसे हैं, जहां 2-2 महीने से बिजली सप्लाई ठप है। सांप, बिच्छू समेत अन्य जीव-जंतुओं के काटने के डर से ग्रामीण डरे-सहमे हैं।



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Women did not let the siege open for 3 hours, returned with 3 transformers from the village


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