निगम और मंडलों की दूसरी सूची के लिए 30 नामों की छंटनी, नियुक्ति हफ्तेभर में , July 29, 2020 at 06:20AM

सरकार के निगम-मंडलों में होने वाली दूसरे दौर की नियुक्तियां में विधानसभा समन्वयक भी निगम-मंडलों में जगह पाने की उम्मीद से हैं। कल सीएम हाउस में हुई बैठक में इनके नामों पर विचार भी हुआ है। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और सीएम भूपेश बघेल ने 18 महीने पहले विधानसभा चुनाव निपटने के बाद भरोसा दिलाया था कि उनकी योग्यता और क्षमता को ध्यान में रखकर निगम -मंडलों में उन्हें अवसर दिया जाएगा। सीएम भूपेश बघेल जल्द ही प्रदेश प्रभारी और अन्य नेताओं से चर्चा करेंगे। फिर भी सूची जारी होने में हफ्तेभर का समय लग सकता है। दूसरे चरण में करीब 20 निगम -मंडलों में नियुक्ति होनी है।
निगम-मंडलों की पहली सूची में विधानसभा समन्वयक रहे अजय अग्रवाल, सफी अहमद, थानेश्वर साहू और गुरप्रीत बाबरा, महेश शर्मा को जगह मिली है। कई समन्वयक तो जिला अध्यक्ष बन गए हैं। अजय तिर्की महापौर बन चुके हैं। मगर ज्यादातर को अभी तक मौका नहीं मिला है। बताया गया कि जैसे एक-दो समन्वयक ऐसे है, जो प्रत्याशी चयन के साथ बूथ कमेटियों के प्रभारी भी रहे हैं। साथ ही नगरीय निकाय चुनाव में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं। इन समन्वयकों में से कुछ को पद देने पर विचार भी हुआ है। कहा जा रहा है कि निगम मंडलों की दूसरी सूची में 30 से अधिक नाम हो सकते हैं। पहली सूची में भी इतने ही नाम थे। विधानसभा चुनाव में जिन नेताओं को समन्वयक बनाया गया था उनमें प्रमोद चौबे, दीपक दुबे, संजय सिंह ठाकुर, सूर्यमणी मिश्रा, प्रमोद तिवारी, प्रकाश साकलकर, शैलेन्द्र साहू, मोहन लालवानी, शशिसिंह गौर, दिलीप खटवानी, प्रदीप शर्मा, यज्ञदेव पटेल, राकेश मिश्रा, राजेन्द्र साहू, सुदेश देशमुख, संजय पाठक, पदम कोठारी, सुजीत बघेल, धमेन्द्र यादव, रउफ कुरैशी, सुरेन्द्र तिवारी, थानेश्वर साहू, अमरचंद चापेड़ा, महेश शर्मा, जितेन्द्र मुदलियार, श्रीकिशन खंडेलवाल, पंकज वाधवा, भागवत साहू, रमेश डाकलिया, राजेश दीवान, मुकेश ठक्कर, अखिलेश चंदेल, जितेन्द्र ठाकुर, सगीर कुरैशी, कैलाश पोयाम, बलराम मौर्य, शकील रिजवी, यशवर्धन राव, अवधेश गौतम, सत्तार अली, ओमकार सिंह जसवाल हैं।

मदरसा बोर्ड, उर्दू अकादमी में जानकार को ही रखें: रिजवी
रायपुर। जोगी कांग्रेस के मीडिया प्रमुख एवं एमपी पापुनि के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने सीएम बघेल को चिट्ठी भेजकर कहा है कि मदरसा बोर्ड एवं उर्दू अकादमी में उर्दू भाषा के जानकार को ही नियुक्त करें वरना इन दोनों संस्थानों का सही प्रतिनिधित्व नहीं हो पाएगा। रिजवी ने कहा कि प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी ने मुस्लिम संस्थानों में उर्दूदां की ही नियुक्ति की थी।

कांग्रेस को असंतोष का डर
भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि एक साथ सूची जारी करने से नाराजगी बढ़ने के डर से किस्तों में जारी की जा रही है। इसी वजह से पहली सूची के बाद कार्यकर्ताओं में असंतोष दिखा।

संघर्ष के साथियों को अवसर
कांग्रेस प्रवक्ता व ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने कहा कि भाजपा पहले अपना घर देखे। सीएम बघेल संघर्ष के सभी साथियों को अवसर दे रहे हैं। कार्यकर्ताओं में असंतोष जैसी कोई बात नहीं है।



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