367 नए मरीज, लाॅकडाउन अब 6 अगस्त तक; किराना दुकानें 29-30 को सुबह 10 बजे तक खुलेंगी , July 28, 2020 at 05:38AM

प्रदेश में सोमवार को 367 नए कोरोना मरीज मिले हैं। वहीं 22 जुलाई से शुरू हुए लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में 1800 से ज्यादा कोरोना मरीजों की संख्या ने भूपेश सरकार की चिंता बढ़ा दी है। भास्कर ने एक दिन पहले ही संभावना व्यक्त कर दी थी कि 29 जुलाई को खत्म होने वाला लाॅकडाउन एक सप्ताह के लिए बढ़ाया जा सकता है। सीएम भूपेश बघेल ने अपने मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद तय किया कि ज्यादा संक्रमण वाले रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिले में लाॅकडाउन एक सप्ताह यानी 6 अगस्त तक बढ़ाया जाना चाहिए। बकरीद व राखी पर भी बाजार को ढील नहीं मिलेगी। मंत्री रविंद्र चौबे ने बैठक के बाद मीडिया को इस फैसले की जानकारी दी और कहा कि लाॅकडाउन बढ़ाने की घोषणा कलेक्टर ही करेंगे, क्योंकि यह अधिकार सरकार ने उन्हें ही दे दिया है। बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री चौबे ने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसकी तुलना में ठीक होने वालों की संख्या कम है। इस वजह से कुछ जिलों में लॉकडाउन की समयसीमा बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में काेरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसलिए वहां लॉकडाउन 28 जुलाई से 6 अगस्त तक बढ़ाया जा रहा है, क्योंकि यदि लॉकडाउन की अवधि बीच में समाप्त कर दी जाएगी तो मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि ज्यादा संक्रमण वाले इलाकों में लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है।

किराना दुकानें 29-30 को सुबह 10 बजे तक खुलेंगी, राखी भी बेच सकेंगे
राजधानी में लाॅकडाउन एक हफ्ता बढ़ाने की वजह से प्रशासन ने 29 जुलाई बुधवार और 30 जुलाई गुरुवार को किराना दुकानों को सुबह 6 बजे सेे 10 बजे तक खोलने की अनुमति दे दी है। इसके बाद यह दुकानें उसी तरह बंद रहेंगी, जैसी अभी हैं। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने बताया कि इन दो दिनों में किराना दुकानों से ही राखी भी बेची जा सकती है। लॉकडाउन के दौरान 2 दिनों के बाद यानी 31 जुलाई से केवल सब्जी, दूध, फल, मछली, मटन, अंडा की ही सुबह 6 से 10 बजे तक बिक्री की छूट रहेगी। घरों में दूध बांटने वाले सुबह 9.30 बजे तक ही दूध बांट पाएंगे। ठेलों में फल-सब्जी बेचने वाले भी सुबह 10 बजे तक ही कारोबार कर सकेंगे। इनके अलावा अखबार बांटने वाले हॉकर सुबह 6 से 9.30 बजे तक काम कर सकेंगे। शाम को केवल घर-घर दूध बांटने वालों को शाम 5 से 7 बजे तक की छूट रहेगी। पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों से सिलेंडरों की सप्लाई दोपहर 3 बजे तक हो सकेगी। रायपुर और बीरगांव निगम सीमा में स्थित सरकारी और प्राइवेट बैंकों में भी दोपहर 3 बजे तक ही कामकाज हो सकेगा।

पशुचारा-एक्वेरियम दो बार खुलेंगे, मिठाई मंगवा सकेंगे ऑनलाइन
कलेक्टर ने पशुओं के चारे को ध्यान में रखते हुए पेट्स और एक्वेरियम दुकानों को सुबह 9 से 9.30 और शाम को 5 से 5.30 बजे तक खोलने की छूट दी है। टेलीकॉम, इंटरनेट और आईटी संस्थाओं में काम करने वाले लोग पहले की तरह ही काम कर सकेंगे। खाने की चीजें यानी खाद्य सामग्री के साथ-साथ पहली बार मिठाई भी ऑनलाइन मंगवाई जा सकेगी।

कलेक्टर के ड्राइवरों का सैंपल: लगातार कंटेनमेंट जोन घूमने की वजह से एहतियात के तौर पर कलेक्टर के दोनों ड्राइवरों का सैंपल लिया गया है। सोशल मीडिया में यह खबर वायरल होने लगी थी कि कलेक्टर के वाहन चालक को कोरोना निकला है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि अभी इनकी रिपोर्ट नहीं आई है।

मंगलबाजार में दौरा, एफआईआर: मंगलबाजार के कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण करने के लिए रविवार को संयुक्त कलेक्टर राजीव पांडे और डिप्टी कलेक्टर संदीप अग्रवाल वहां पहुंचे। जांच के दौरान ऐसे लोगों पर एफआईआर भी कराई गई जो प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर गए और बाहर से अंदर आए। अफसरों ने वहां लोगों से बात भी की और परेशानियां सुनीं। अफसरों ने भरोसा दिलाया कि उन्हें जरूरत की सभी चीजें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसलिए उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।

डीएमएफ फंड से होगी भर्ती: चौबे ने बताया कि कोरोना रोकने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मजबूत बनाने पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। इस दौरान राजधानी रायपुर और दुर्ग में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने पर भी जिला कलेक्टर से बात की गई है। कलेक्टरों से कहा गया है कि जहां पर अस्थाई कोरोना अस्पताल बनाया जा सकता है उन सब स्थानों को चिन्हांकित कर सभी तैयारियां शुरू की जाए। इस दौरान लैब टैक्नीशियनों, एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 5549 पदों पर डीएमएफ फंड से भर्ती करने के भी निर्देश दिए हैं।



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रायपुर में वंदना ऑटो के बगल के मोहल्ले में कोरोना मरीज मिलने के बाद उस एरिया को सोमवार को कंटेनमेंट जोन बनाकर सील कर दिया गया। दरअसल गलियों को सील करने से 60-70 लोग विरोध करने लगे। उनका कहना था कि जरूरी कामों के लिए दूसरी तरफ जाना पड़ता है। हालांकि प्रशासन के अफसरों ने समझाइश के बाद गली को सील कर दिया। फोटो स्टोरी- संदीप राजवाड़े/ प्रमोद साहू


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