5 लाख के इनामी नक्सली के पिता ने चलाया पुलिस का दिया ट्रैक्टर, बेटे से कहा- वापस आ जाओ , July 24, 2020 at 08:45PM

जिले में शुक्रवार को नक्सलवाद से जुड़ी कुछ अच्छी तो कुछ बुरी तस्वीरें देखने को मिली। एक तरफ आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों ने पुलिस की मदद से मिले ट्रैक्टर की पूजा कर खेत में काम शुरू कर दिया। दूसरी तरफ इसी जिले में कुछ ग्रामीणों को सरकार का समर्थन करने का आरोप लगाकर नक्सलियों ने बुरी तरह से पीटा। पुलिस ने सर्चिंग के दौरान 1 लाख के इनामी नक्सली को गिरफ्तार भी किया है।


नक्सली के पिता ने किया उद्घाटन
ट्रैक्टर पर रिबन सजाकर ग्रामीणों को सौंपा गया। 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली बुधरा सोरी के पिता ने रिबन काटकर ट्रैक्टर से खेत में काम की शुरूआत की। उन्होंने अपने बेटे को संदेश भेजा कि अब वो भी नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर गांव लौट आए और आम जिंदगी जिए। पुलिस लोन वर्राटू अभियान चला रही है। इसका मतलब है घर लौटिए। इसी के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को ट्रैक्टर दिया गया है, ताकि खेती करके वो आम जिंदगी बिता सकें।

जवानों की जान लेने वाला पकड़ा गया

गिरफ्तार होने के बाद इस नक्सली ने बताया कि सरेंडर करने वालों की हत्या की प्लानिंग नक्सली कर रहे हैं।
गिरफ्तार होने के बाद इस नक्सली ने बताया कि सरेंडर करने वालों की हत्या की प्लानिंग नक्सली कर रहे हैं।

किरन्दुल थाना क्षेत्र में नक्सलियों के पिरनार पंचायत कमेटी अध्यक्ष नंदा कुंजाम उर्फ जीबरा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली नंदा कुंजाम पर 14 आपराधिक मामले दर्ज थे। इसने खुलासा किया है 16 जून को पिरनार में नक्सलियो की बड़ी बैठक हुई थी, जिसमे दंतेवाड़ा के चार लोग भी शामिल थे। बैठक में बड़े नक्सली देवा, कमलेश, जयलाल जैसे नक्सलियों ने समर्पण करने वाले नक्सलियों के परिजनों को जन अदालत में बुला कर हत्या करने की रणनीति बनाई है।

ठेकेदार रविंद्र सोनी को भी जन अदालत में बुलाने की बात की गई थी। यह साल 2011 की घटना में भी शामिल था। तब नक्सलियों ने एस्सार प्लांट के पीछे की सड़क पर पुलिस जीप को ब्लास्ट से उड़ा दिया था। घटना के बाद घायल पड़े जवानों पर नक्सलियों ने फायरिंग की थी। इस घटना में इंस्पेक्टर डीएन नागवंशी समेत 4 जवान शहीद हुए थे। घटना के बाद नक्सली मौके से भाग गए थे।


जब नक्सलियों का समर्थन बंद किया तो हुई पिटाई

इस ग्रामीण ने नक्सलियों के खिलाफ बात की। डंडों से नक्सलियों ने इनकी पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी।
इस ग्रामीण ने नक्सलियों के खिलाफ बात की। डंडों से नक्सलियों ने इनकी पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी।

नक्सली अपना राज अंदरूनी इलाकों में चलाते हैं। ऐसा ही एक इलाका है पोटाली। यहां अब पुलिस की दखल बढ़ी है। जब यहां कैंप खोला गया तो इसका विरोध करने नक्सलियों ने ग्रामीणों को भेजा। मगर अब उन्हीं ग्रामीणों पर नक्सली अपना कहर बरपा रहे हैं। बीती रात जोगा और हिड़मा नाम के ग्रामीणों को पीटा गया। सुबह यह एंबुलेंस से अस्तपताल लाए गए। जोगा और हिड़मा शुरू-शुरू पुलिस का विरोध कर रहे थे। जब सड़क बनी तो समर्थन करने लगे यह बात नक्सलियों को रास ना आई। इनके साथ एक और ग्रामीण को पीटा, जिसने इलाज करवाने से इंकार कर दिया। फिलहाल ये पुलिस की निगरानी में हैं।



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तस्वीर दंतेवाड़ा की है। मोस्ट वांटेड नक्सली के पिता को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई। ग्रमीणों ने पुलिस के कामों को सराहा।


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