कोरोना खत्म नहीं हुआ पर बैंकों ने बंद की राहत, एटीएम फिर काटने लगा पैसे , July 07, 2020 at 05:55AM

लॉकडाउन के दौरान मार्च से जून तक बैंकों की ओर से दी गई कई तरह की राहतें अब खत्म कर दी गई हैं। लॉकडाउन में किसी बैंक के एटीएम से कितने भी बार रकम निकाली जा सकती थी। इस पर कोई शुल्क नहीं लगता था। लेकिन अब छूट 1 जुलाई से खत्म कर दी गई है। राजधानी में भी दूसरे बैंकों के एटीएम से तीन बार से ज्यादा रकम निकालने पर 20 से 50 रुपए तक कट रहे हैं। नए नियमों के अनुसार बैंक ग्राहक का जिस बैंक के खाते में एटीएम है वहां से पांच और दूसरे बैंकों के एटीएम से केवल 3 बार रकम निकाल सकता है। इसके बाद रकम निकाली गई तो उसे अतिरिक्त शुल्क लगेगा जो उसके खाते से काट ली जाएगी।
इसी तरह अब बैंकों के खातों में न्यूनतम रकम रखना फिर से अनिवार्य हो गया है। लॉकडाउन के पहले एक निश्चित रकम को औसतन हर महीने मेटेंन करना पड़ा था, इस नियम को भी फिर से लागू कर दिया गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मेट्रो शहरों के बचत खातों में 3,000, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों 2,000 और 1,000 रुपए मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य हो गया है। रायपुर अर्धशहरी क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां के खातों में मिनिमम बैलेंस 2000 रुपए रखना अनिवार्य है। तय रकम नहीं रखने पर ग्राहकों से 5-15 रुपए का शुल्क लिया जाएगा। औसतन रकम की गणना 1 जुलाई से होगी।
रात में ओटीपी हुआ जरूरी : स्टेट बैंक समेत कई बैंकों के एटीएम से रात 8 बजे के बाद 10 हजार रुपए से ज्यादा की रकम बिना ओटीपी के नहीं निकलेगी। इस नियम को भी लॉकडाउन में शिथिल कर दिया गया था, लेकिन अब इसे फिर से लागू कर दिया गया है। रात 8 से सुबह 8 बजे तक एसबीआई एटीएम से कैश निकालते समय ओटीपी की जरूरत होगी। 10 हजार से ज्यादा रकम निकालने पर बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसे नंबर को एटीएम की स्क्रीन पर दर्ज करना होगा। इसके बाद ही करेंसी एटीएम मशीन से बाहर निकलेगी।



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