संक्रमित मिलने पर घर सील करने का नियम नहीं, परिजन आइसोलेट किए जाएंगे , July 21, 2020 at 06:05AM

राजधानी में कोरोना विस्फोट के बाद एक-दो जगह पीड़ित लोगों के मकान-बंगले सील करने की बात आ रही है। इसका बुरा असर ये हो रहा है कि जहां भी मरीज निकल रहा है, लोग पुलिस को उसी घर को सील करने की मांग भी करने लगे हैं। भास्कर ने इसी वजह से कोरोना की कोर कमेटी और प्रदेश में कोरोना सेल के मीडिया प्रभारी संयुक्त संचालक डा. सुभाष पांडेय से बात की। उन्होंने साफ किया कि कोरोना की किसी एसओपी यानी प्रक्रिया में मरीजों का घर सील करने का नियम नहीं है। अगर परिवार में किसी को कोरोना निकला है, तो बाकी सदस्य जांच के नतीजे आने तक उसी मकान में आइसोलेट रहेंगे। घर के सभी लोग संक्रमित पाए गए, तब भी प्रशासन की तरफ से मकान सील करने का कोई नियम नहीं है और चिकित्सकीय तौर पर जरूरी भी नहीं है। इसलिए पीड़ित लोगों को घरों को सील करने या बंद करने की मांग ही गलत है। गाइडलाइन तो यह भी है कि ऐसे घर में अगर एक भी व्यक्ति है, तो वह फोन करके प्रशासन या पड़ोसियों से भी जरूरी चीजें मंगवा सकता है। उसे सामान देने के लिए गए लोगों को ही थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है।

मरीज को लेकर फैली भ्रांतियां और कोरोना सेल मीडिया प्रभारी डॉ. सुभाष पांडे के जवाब
जांच ही जरूरी कदम

घर का कोई सदस्य अगर पाजिटिव हुआ तो बाकी लोग प्रायमरी कांटेक्ट की श्रेणी में आ जाते हैं यानी मरीज के संपर्क में रहने वाले। इसीलिए सभी सदस्यों की जांच जरूरी होती है। जांच की रिपोर्ट आने तक परिवार के सभी सदस्यों को उसी मकान में होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बाहर संक्रमण नहीं फैल पाए।
प्रशासन-पड़ोस से मदद
कोरोना मरीज अगर अस्पताल में भर्ती है और उसका परिवार नेगेटिव आने के बाद घर में ही आइसोलेट होकर रह रहा है और उसे किसी तरह की मदद या सामान की जरूरत पड़ गई तो वह प्रशासन से संपर्क कर सकता है। इसके लिए उन्हें नंबर दिए जाते हैं। यही नहीं, अगर ऐसे लोग चाहें तो पड़ोसियों से फोन पर मदद ले सकते हैं। सामान उस घर के दरवाजे पर छोड़ा जा सकता है।
कपड़े गर्म पानी से धोएं
अगर किसी परिवार में कोई व्यक्ति पाजिटिव निकलता है और उसे अस्पताल में भर्ती कर दिया जाता है, तो घर में रहनेवालों को उसका इस्तेमाल किया सामान गर्म पानी में धोकर धूप में सुखाना चाहिए। जो सेनेटाइज हो सकता है, उसे सैनिटाइज कर देना चाहिए। इसके लिए यह पता लगा लिया जाए कि पीड़ित ने कौन सी चीजें छुईं। उन उपायों के बाद सभी सामान सुरक्षित है।
4. मकान सील नहीं होगा
किसी भी पीड़ित के मकान को सील करने का न कोई नियम है और न किसी तरह की प्रक्रिया। संक्रमण को फैलने से बचाने के लिए सिर्फ आइसोलेशन करना है। इसका तरीका क्या होना चाहिए, यह फैसला अफसर लेते हैं। अगर किसी परिवार के लोग पाजिटिव के संपर्क में आएं, और फिर सबकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव निकल जाए, तो सभी सामान्य दिनचर्या में रह सकते हैं।



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फाइल फोटो।


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