धान की तरह रागी, सांवा और कोदो कुटकी खरीदेगी सरकार सरगुजा व बस्तर से विश्व आदिवासी दिवस पर शुरू करेगी योजना , July 23, 2020 at 04:00AM

दिलीप जायसवाल |छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित और विलुप्त हो रही रागी, सांवा, कुटकी की खेती को बढ़ावा देने इसकी खरीदी हर साल धान की तरह करने की तैयारी कर रही है।
इसके लिए समर्थन मूल्य तय किया जाना बाकी है। इसकी शुरुआत सबसे पहले बस्तर और सरगुजा से की जाएगी। इसके बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। इस स्कीम को विश्व आदिवासी दिवस पर भूपेश बघेल सरकार लांच करने जा रही है। प्रदेश में दो दशक पहले तक कोदो कुटकी, रागी और सांवा की खेती बड़े पैमाने पर होती थी।
कम बारिश में भी इसका अच्छा उत्पादन होता था। ग्रामीण इलाकों में लोग चावल की जगह अपने भोजन में इसे ही शामिल करते थे तब राज्य में धान की खेती कम होती थी और किसान हाईब्रीड बीज का खेती में उपयोग नहीं करते थे। लेकिन जैसे ही सरकार ने समर्थन मूल्य में धान की खरीदी शुरू की इन फसलों का रकबा धीरे-धीरे कम होता गया। तब इन फसलों का रेट धान से बेहद कम था। अब जब इनकी खेती का रकबा कम होता जा रहा है और रागी व मेझरी में कई पोषक तत्व होने के कारण प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी इसकी मांग बढ़ी है। इसके चलते सरकार इसे भी निर्धारित दर पर अब खरीदने जा रही है। कृषि विभाग के संचालक नीलेश छीर सागर ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस पर कोदो, कुटकी, रागी और सांवा खरीदी योजना लांच की जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने बताया कि इसे खरीदने के बाद सरकार इसकी बिक्री करेगी। बताया रागी महिला बाल विकास विभाग को बेचा जाएगा। जो आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार बनाने में उसे लगाएंगे।

मैनपाट में सबसे अधिक कुटकी की उपज
सरगुज़ा संभाग में मेझरी जिसे कोदो कुटकी भी कहा जाता है कि खेती सबसे अधिक मैनपाट में होती है। यहां दो हजार तो पूरे जिले में ढाई हजार हेक्टेयर में खेती की जाती है। इसमें अब तक 53 फीसदी रकबा में खेती की जा चुकी है। अब मैनपाट में टाऊ के बजाय लोग मेझरी की खेती ज्यादा कर रहे हैं, क्योंकि इसमें लागत बेहद कम आती है। इस साल कृषि विभाग ने ढाई सौ एकड़ में रागी की खेती कराई है। कोदो ऋषि अन्न भी माना गया है। इसमें वसा, प्रोटीन की काफी मात्रा होती है।

28 रुपए किलो में इस साल बिका मेझरी
मैनपाट के किसानों ने बताया कि इस साल मेझरी 28 रुपए किलो बिका है। स्थानीय व्यापारी इस रेट में खरीदकर दूसरे राज्यों में भेजते हैं। सबसे अधिक इसकी सप्लाई नासिक में होती है।

यह फसलें कई बीमारियों में फायदेमंद किसानों को भी होगा लाभ: खाद्य मंत्री
खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि धान का रकबा कम करने के लिए मेडिस्नल ग्राफ को बढ़ावा देने के लिए सांवा कोदो की खरीदी होने जा रही है। ये शुगर समेत कई बीमारियों में काफी फायदेमंद है। इसकी मांग काफी है। इससे आम लोगों के साथ ही किसानों को भी लाभ होगा।



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