खदान में अचानक आया बारिश का पानी, एक मजदूर मिट्टी में दबा, दूसरे ने पाइप पकड़कर बचाई जान , July 24, 2020 at 06:35AM

तेज बारिश के बीच गुरुवार की सुबह एसईसीएल कुसमुंडा खदान में पानी और मिट्टी के मलबे का सैलाब आ गया। जिससे खदान के आसपास डंपिंग की मिट्टी भी बहकर आ गई। जिसके नीचे एक मजदूर दब गया। वहीं उसके करीब खड़ा दूसरा मजदूर पंप के पाइप को पकड़ पानी के बहाव में बहने से बच गया और उसकी जान बच गई। घटना के दौरान चार और कर्मचारी पंप के पास थे वे भी किसी तरह से बचे।
एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में गुरुवार की सुबह करीब 6.30 से 7 बजे करीब यह घटना हुई। कुसमुंडा खदान जलभराव वाले जगह पर बरहमपुर सर्वमंगला नगर क्षेत्र निवासी सुरेश महंत अपने साथी रमेश कुमार व अन्य कर्मचारियों के साथ पानी निकासी के काम में लगा था। रात से ही लगातार बारिश हो रही थी। सुबह तेज बारिश होने लगी। ठेका मजदूर सुरेश और उसका साथी रमेश जलभराव वाले जगह पर बने छोटे गुमटी के पास थे। तभी हादसा हुआ। किसी तरह रमेश ने संभलकर पंप के लिए लगे पाइप को पकड़ लिया। लेकिन सुरेश दास महंत संभल नहीं पाया। उसके पीछे की तरफ से पानी व मलबा बहते हुए आया। उसे आगे बहा ले गई और आसपास की मिट्टी धंस कर उसके ऊपर ही गिर गई।

खदान से पानी निकालने लगाया गया है पंप
खदान में जहां जलभराव है। वहां से अलग-अलग पंप से पानी निकालने का काम किया जा रहा है। तेज बारिश के कारण यहां और भी ज्यादा पानी भर गया था। जिसे सुबह निकालने की कोशिश में कर्मचारी जुटे थे। ठीक इसी दौरान या हादसा हो गया।

हादसे से नाराज लोगों ने रोका कोयला डिस्पैच
गुरुवार सुबह एसईसीएल कोयला खदान में ठेका श्रमिक के दबने की सूचना मिलने पर सर्वमंगला नगर, बरहमपुर क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में कुसमुंडा खदान पहुंच गए। हादसे से नाराज लोगों ने यहां पहुंच कर कोयला डिस्पैच भी बाधित कर दिया था।

5 घंटे बाद बचाव दल पहुंचा बिलासपुर टीम जुटी खोज में
घटना के करीब पांच घंटे बाद जिले की बचाव दल एसडीआरएफ टीम के सदस्य पहुंचे। जहां घटना हुई वहां करीब 15 से 20 फीट तक पानी भरा है। मलबा भी आ गया है। ऐसे में जिले की टीम के पास आवश्यक संसाधन नहीं होने के कारण मजदूर को काफी प्रयास के बाद भी नहीं खोज सके। बाद में बिलासपुर से सुविधा से लैस रेस्क्यू टीम पहुंची। जिसने मजदूर को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।

ज्यादा बारिश से घटना रेस्क्यू चल रहा है: प्रबंधन
एसईसीएल कुसमुंडा के कार्मिक प्रबंधक पीके जैन ने कहा कि अधिक बारिश की वजह घटना हुई। मजदूर का पता लगाने के लिए लगातार रेस्क्यू जारी है। बिलासपुर रेस्क्यू की टीम भी पहुंची है जो मजदूर को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

2 दिन पहले ही एक ठेका मजदूर की मौत हुई थी: एसईसीएल के कुसमुंडा खदान में इस घटना से 2 दिन पहले ही आग बुझाने के दौरान एक ठेका कर्मचारी की मौत हो गई थी। जिसे लेकर साथी कर्मचारियों व परिजनों ने विरोध किया था। इस बार भी हादसे को लेकर साथी कर्मचारी व ग्रामीण नाराज दिखे। इस हादसे के लिए भी प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।



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पानी और मलबे के नीचे दबे मजदूर को खोजने का प्रयास करती एसडीआरएफ की टीम।


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