संक्रमितों का इलाज अब घर पर, दुर्ग के बाद रायपुर में पायलट प्राजेक्ट शुरू, प्लाजमा थेरेपी से भी उपचार की तैयारी , July 25, 2020 at 06:00PM

शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) नई दिल्ली के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर बलराम भार्गव से बात की। माना जा रहा है कि प्रदेश में बढ़ते मामलों को देखते हुए यह चर्चा अहम है। राज्य की राजधानी रायपुर में अब कोरोना संक्रमितों को घर पर रखकर ही उनका उपचार करने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर एस भारती दासन ने इस प्रयोग को पहले डॉक्टर्स पर आजमाने की सोची है। दुर्ग में एक दिन पहले ही इसकी शुरूआत की गई है।


मुख्यमंत्री बघेल ने प्रो. भार्गव से छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के नियंत्रण को लेकर बात की। प्रोफेसर भार्गव को इसकी भी जानकारी दी गई कि राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए इलाज सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है। कोविड-19 टेस्टिंग की संख्या मे बढ़ोत्तरी और संक्रमित मरीजों के प्लाज्मा थेरेपी से उपचार पर भी बातचीत हुई। चर्चा के बाद अब मुख्यमंत्री ने प्लाज्मा थेरेपी के संबंध में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह से कार्यवाही करने को कहा है।


घर पर इलाज वाला कॉन्सेप्ट
कलेक्टर डॉ एस भारती दासन ने कहा है कि जिला प्रशासन होम आइसोलेशन की प्रक्रिया पहले डॉक्टरों पर लागू किया जाएगा। यह सफल होने पर कोरोना पॉजिटिव पाए गए केटेगरी सी के मरीजों को होम आइसोलेशन करने की अनुमति दी जाएगी। होम आइसोलेशन के लिए मरीज के घर में अलग हवादार कमरा और शौचालय होना चाहिए। होम आइसोलेशन की अवधि के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग निगरानी के लिए स्वास्थ्य कर्मी नियुक्त करेगा। जो हर दिन मरीज और उनके अटेंडेंट से फोन के जरिए संपर्क करेंगे।


इस दौरान न मरीज बाहर जाएगा ना ही कोई उससे मिलने आ सकेगा। घर के बाहर होम आइसोलेशन का स्टीकर भी लगाया जाएगा। मरीज को सांस लेने में कठिनाई, सीने में लगातार दर्द या दबाव हो या चेहरे का नीला पड़ना जैसे लक्षण दिखे तो पास के डेडीकेटेड हॉस्पिटल में उसे पहुंचाने की व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा। अगर मरीज आइसोलेशन प्रोटोकोल के किसी भी निर्देश को नहीं मानेगा तो तो उन्हें तत्काल केयर सेंटर शिफ्ट करते हुए अपने ही अंडरटेकिंग करने और अन्य कार्रवाई की जाएगी।


कौन है सी कैटेगरी का मरीज
कोरोना के अलावा जिसे कोई बीमारी ना हो, कोरोना के लक्षण ना हों मगर वायरस पाया गया हो, जांच में एक्सपर्ट यह पाएं कि रेगुलर दवाओं और परहेज से वायरस को मात दे सकता हो ऐसे मरीज को सी कैटेगरी का माना जा रहा है। होम आईसोलेशन से पहले जिला आईडीएसपी सर्विलेंस ऑफिस से स्वास्थ्य दल मरीज के घर का दौरा कर मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति और होम आइसोलेशन के उसके घर की स्थिति को देखेंगे। यह सब जांच करने के बाद वे मरीज को बताएंगे कि मरीज होम आइसोलेशन में रह सकते हैं या नहीं। होम आइसोलेशन के लिए फिट पाए जाने पर ही मरीज को घर पर ही आइसोलेशन की अनुमति दी जाएगी।



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तस्वीर रायपुर के सीएम हाउस की है। मुख्यमंत्री ने प्लाजमा थेरेपी से इलाज की तैयारी करने कहा है, रायपुर एम्स ने ठीक हुए संक्रमितों के प्लाजमा कलेक्शन का काम शुरू कर दिया है।


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