जशपुर में दंतैल हाथी की करंट लगने से मौत, दंपति बोले- आत्मरक्षा के लिए मारा, हिरासत में लिए गए , July 25, 2020 at 06:09AM

छत्तीसगढ़ में एक और हाथी की मौत हो गई। जशपुर में शुक्रवार सुबह हाथी का शव एक मकान के बाहर मिला है। मकान के बाहर बाड़ी के किनारे लगाए गए तारबाड़ के करंट की चपेट में आकर हाथी की मौत हुई है। वन विभाग की टीम ने इस मामले में दंपति को हिरासत में ले लिया है। वहीं दंपति का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा के लिए हाथी को मारा है। घटना तपकरा थाना क्षेत्र के झिलीबेरना की है।

वन विभाग की टीम ने हाथी का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। हाथी के अंतिम संस्कार में भाजपा सांसद गोमती साय भी पहुंची। उन्होंने मृत हाथी को श्रद्धांजलि दी।

जानकारी के मुताबिक, झिलीबेरना गांव निवासी रंजीत केरकेट्टा और उसकी पत्नी आनंद केरकट्टा ने अपने मकान के चारों ओर तार लगा रखा है। रोज रात में इसमें करंट चालू कर देते हैं। इसके चलते शुक्रवार सुबह एक दंतैल हाथी की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। हाथी की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

ग्रामीणों ने कहा- कई दिनों से हाथियों का उत्पात जारी
दंपति ने बताया कि उन्होंने हाथी के हमले के डर से मकान को तार से घेर रखा है। रात होते ही वह रोज इसमें करंट चालू कर देते थे। गुरुवार रात हाथी इसी तार की चपेट में आकर मर गया। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि पत्थलगांव रेंज में दो दिनों से हाथियों का दल उत्पात मचा रहा था। खरकट्टा गांव से निकलकर ये लुडेग के सराईटोला गांव पहुंचे और वहां मकानों को तोड़ दिया। अनाज खा गए और फसलों को भी नुकसान पहुंचाया।

हाथी के अंतिम संस्कार में पहुंची सांसद गोमती साय
वहीं वन विभाग की टीम ने हाथी का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। हाथी के अंतिम संस्कार में भाजपा सांसद गोमती साय भी पहुंची। उन्होंने मृत हाथी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग भी मौजूद रहे। वन विभाग की टीम ने अंतिम संस्कार से पहले मृत हाथी के दांत निकलवाकर रखवा दिए हैं।

डेढ़ माह में 8 हाथियों की मौत हो चुकी
प्रदेश में डेढ़ माह के दौरान 8 हाथियों की मौत हो चुकी है। इससे पहले 9 जुलाई को कोरबा में 8 साल के हाथी के बच्चे ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। वहीं नौ जून को सूरजपुर के प्रतापपुर में हथिनी की मौत हुई। अगले दिन इसी क्षेत्र में एक गर्भवती हथिनी, फिर बलरामपुर में एक हथिनी, धमतरी के माडमसिल्ली व रायगढ़ के गेरसा में दो नर हाथी मृत मिले। इसके बाद गणेश की करंट लगने से धरमजयगढ़ में मौत हो गई थी।



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छत्तीसगढ़ में एक और हाथी की मौत हो गई। जशपुर में शुक्रवार सुबह मकान के बाहर बाड़ी के किनारे लगाए गए तारबाड़ के करंट की चपेट में आकर हाथी की मौत हुई है। इस मामले में दंपति को हिरासत में ले लिया है।


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