इम्यूनिटी बढ़ाने के बजाय परेशानी बढ़ा रहा है काढ़ा, मसालों का गलत अनुपात और ओवरडोज है कारण , July 26, 2020 at 05:54AM

कोरोना वायरस को मात देने के लिए हर कोई अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में जुटा है। इसके लिए लोग अश्वगंधा, काली मिर्च, तुलसी, लौंग, लहसुन, हींग जैसे मसालों से बना काढ़ा पी रहे हैं। लोगों को इनका सही अनुपात पता नहीं है, इसलिए इम्यूनिटी बढ़ाने वाली ऐसी औषधी और मसाले जरूरत से ज्यादा और गलत अनुपात में सेवन करने से सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दालचीनी, गिलोय, काली मिर्च जैसी चीजों का ओवरडोज अल्सर, पेट दर्द या सीने में जलन का कारण बन रहा है। ये लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है। लिहाजा, काढ़ा बनाने से पहले दादी-नानी की सलाह लेना या विशेषज्ञ से कंसल्ट करना बेहतर है।

ओवरडोज से हुई स्किन प्रॉब्लम
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए 25 साल की सृष्टि मिश्रा पिछले दो महीने से काली मिर्च, अजवाइन, दालचीनी, लौंग जैसे मसालों से बना काढ़ा पी रही थीं। अचानक 15 दिन पहले उनके चेहरे पर कील-मुंहासे होने लगे। उन्हें लगा ये ठीक हो जाएंगे, लेकिन कुछ दिन में और बढ़ गए। स्किन स्पेशलिस्ट ने बताया कि ये ज्यादा गर्म तासीर के मसालों का साइड इफैक्ट है। डॉक्टर ने उन्हें कुछ दिन काढ़ा न पीने की सलाह दी।

एसिडिटी और गले में जलन
कोटा में रहने वाले सुनील मिश्रा कोरोना के डर से दिन में तीन बार अदरक, काली मिर्च, दालचीनी का काढ़ा पीने लगे। सुबह नींबू-शहद का पानी भी रहे थे। उन्हें एसिडिटी और गले में जलन होने लगी। डॉक्टर ने फूड हिस्ट्री पूछी तो पता चला कि बेहिसाब मसालों के कारण ऐसा हुआ है। डॉक्टर ने उन्हें काढ़ा बनाने की सही मात्रा समझाई और सिर्फ एक बार पीने की सलाह दी।

अति नहीं अच्छी, हर जड़ी-बूटी की सही मात्रा जरूरी
आयुर्वेदिक काॅलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरुणा ओझा ने बताया, सोशल मीडिया पर काढ़ा बनाने के वीडियो और मैसेज जमकर वायरल हो रहे हैं। लोग डॉक्टर की राय लिए बिना इन वीडियोज को देखकर काढ़ा बना रहे हैं, जो गलत है। हर इंसान की प्रकृति अलग होती है। उम्र के साथ दवा की मात्रा भी बदलती है। काढ़े में डलने वाले हर एक इंग्रीडिएंट की सही मात्रा का होना बेहद जरूरी है। अति अच्छी नहीं है। काढ़ा बनाने के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

चक्कर और कमजोरी का खतरा
आयुर्वेद कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय शुक्ला ने बताया, मसाले, जड़ी-बूटी की ज्यादा खुराक नुकसानदायक है। ये कई बीमारी का कारण भी बन सकती है। काढ़े में डलने वाले मसाले साफ और सूखे हों। उनमें नमी या फफूंद न हो। फंगस लगी जड़ी-बूटी से डायरिया या पेट की प्रॉब्लम हो सकती है। इम्यूनिटी बढ़ाने और बीपी कंट्रेाल में रखने के लिए दालचीनी, गिलोय को कारगर माना जाता है लेकिन इसे भी ज्यादा मात्रा लेने से चक्कर, बेहोशी, कमजोरी जैसे समस्या हो सकती है।

हो सकते हैं कई तरह के साइड इफैक्ट
"हल्दी, अदरक, काली मिर्च जैसे मसाले बहुत गर्म होते हैं। इनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है लेकिन ओवरडोज से बीमारियों का खतरा भी होता है। लोगों ने आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन भी बढ़ा दिया है। इन दवाओं की सही खुराक और कंपोनेंट पता होना भी जरूरी है। गलत दवा और ज्यादा खुराक लेने से कई साइड इफैक्ट होने का खतरा होता है।"
-डॉ. मनीष लूनिया, डीएम गैस्ट्रो



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प्रतीकात्मक फोटो।


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