अरपा व इंद्रावती प्राधिकरण में छह विधायकों को मिलेगा मौका, दूसरी सूची में 12 विधायक, आलाकमान की हरी झंडी के बाद घोषणा , August 09, 2020 at 06:06AM

निगम-मंडल आयोग और प्राधिकरणों की दूसरी सूची में दस से बारह विधायकों को मौका दिया जा रहा है। इसमें ठंडे बस्ते में जा चुके अरपा विकास प्राधिकरण में तीन तथा इंद्रावती विकास प्राधिकरण में तीन विधायक एडजेस्ट किए जाएंगे। वहीं हाउसिंग बोर्ड में दो तथा मंडी बाेर्ड में दो विधायक को जिम्मेदारी दी जाएगी। शनिवार को दो दौर की बैठक के बाद निगम-मंडल आयोगों और प्राधिकरणों के नामों पर अंतिम सहमति बना ली गई है।
दरअसल सीएम हाउस में शनिवार को कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक तीन घंटे से भी ज्यादा समय तक चली। इस बैठक के बाद यह बात बाहर आई थी कि कुछ नामों को लेकर पेंच फंस गया है और पद की आस लगाए नेताओं को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है लेकिन देर रात की सीएम भूपेश, प्रदेश प्रभारी पुनिया, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर व पीसीसी चीफ मरकाम के बीच हुई बातचीत के बाद नाम तय कर लिए गए हैं। बताया गया है कि सभी छूटे हुए सभी बड़े निगम-मंडल और आयोगों के नाम को लेकर चर्चा हुई। प्रक्रिया के तहत अब दावेदारों के नामों की सूची पार्टी आलाकमान के पास अप्रुवल के लिए भेजी जाएगी। जहां से हरी झंडी मिलते ही नाम घोषित कर दिए जाएंगे। दरअसल दूसरी सूची को ही अंतिम सूची मानी जा रही है, इसलिए प्रदेश भर के दावेदारइस सूची में अपना नाम देखना चाह रहे हैं। इसमें बस्तर, सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के नेताओं के अलावा राजधानी रायपुर के नेताओं की संख्या भी काफी अधिक है।

गौरेला नपं अध्यक्ष तीन भाजपा पार्षदों के साथ कांग्रेस में शामिल
मरवाही उपचुनाव के पहले गौरेला नगर पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेत्री गंगोत्री राठौर अपने तीन पार्षदों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गईं हैं। जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने पुनिया के हाथों तीनों का कांग्रेस प्रवेश कराया। चारों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की रीति-नीति और उनके द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों पर भरोसा जताते हुए वे कांग्रेस प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अब कांग्रेस की मजबूती के लिए काम करेंगे। कांग्रेस में शामिल होने वालों में पार्षद दिलीप विश्वकर्मा, लालसिंह मरावी और तुलसी पेंद्रो शामिल हैं। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव डहरिया, विधायक सत्यनारायण शर्मा एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए उनके उज्वल भविष्य की कामना की।

कुछ नामों पर चर्चा तुरंत जारी नहीं होती सूची: पुनिया
प्रदेश प्रभारी पुनिया ने मीडिया से कहा कि कुछ नामों पर चर्चा हुई है। यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। ऐसा नहीं है कि मंथन हुआ और तुरंत सूची जारी कर दी जाए। जितने भी दावेदार हैं उनका बायोडाटा तैयार कर एआईसीसी को भेजा जाता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से अनुमोदन के बाद सूची जारी की जाएगी। इसके बाद गुण-दोष के आधार पर सीएम संबंधित विभागों से उनके नाम जारी करवाते हैं।

संगठन के विस्तार को लेकर भी हुई चर्चा
बताया गया है कि बैठक में पार्टी संगठन के विस्तार काे लेकर भी चर्चा हुई। जिसमें प्रदेश कमेटी के बचे पदों के अलावा जिला और ब्लाक स्तर पर होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी बात की गई। इसके लिए पीसीसी चीफ को जल्द ही जिला और ब्लाक अध्यक्षों की मीटिंग बुलाकर नाम मांगने कहा गया है।

महंत और नेताम ने भी की मुलाकात
बैठक के बाद देर शाम निजी होटल में स्पीकर डा.चरणदास महंत और वरिष्ठ नेता अरविंद नेताम ने पुनिया से अलग-अलग मुलाकात की। महंत करीब आधे घंटे तक पुनिया के साथ रहे। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। वहीं नेताम ने भी मुलाकात कर अपनी बात रखी।

बृजमोहन का हमला- कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार, असंतोष चरम पर
इधर, भाजपा ने कांग्रेस में चल रही राजनीति पर चुटकी ली है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति है। पौने दो साल बाद भी मुख्यमंत्री नियुक्तियां नहीं कर पा रहे हैं। पहली सूची के बाद जो असंतोष शुरू हुआ था। वह अब चरम पर है। वैसे तो कोरोना काल में निगम- मंडलों में नियुक्तियां नहीं की जानी चाहिए थी लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि जितना ज्यादा ये नियुक्तियां करेंगे उतना ज्यादा असंतोष फैलेगा। प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि पुनिया की अनेकों कवायद के बाद भी प्रदेश कांग्रेस की गुटीय राजनीति के चलते व नेताओं के कुछ नामों पर घोर विरोध के कारण सूची अब लंबे समय के लिए टल गई। उपासने ने कहा हमारी बात सही साबित हुई की अर्थतंत्र के चलते जमीनी कार्यकर्ताओं को अभी जमीन पर ही रहना पड़ेगा। उपासने ने दावे के साथ कहा कि आज की बैठक में स्थानीय नेताओं ने प्रदेश प्रभारी के सामने सूची में फाइनल किये जा रहे कुछ नामों पर घोर आपत्ति दर्ज कराई। यह भी पता चला है कि इन लोगों के द्वारा सीधे दिल्ली में अर्थ तंत्र के प्रभाव से सूची में अपने नामों को फ़ायनल करा लिया था वे पूर्णतः आश्वस्त थे की आज घोषित होने वाली सूची में शतप्रतिशत उनके नाम होंगे ही,परन्तु उनका सारा गणित आज प्रदेश के नेताओं के विरोध के चलते फेल हो गया।
उपासने ने कहा कि निगम आयोग को लेकर कांग्रेस में विस्फोटक स्थिति बनी हुई है। यही कारण है जिन दो हजार कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन में आवेदन दिए आज वे बड़ी मात्रा में पुनिया को लेने एरोड्रम ,फिर राजीव भवन पहुँच गए अंततः पुनिया को मुख्यमंत्री निवास में सुरक्षा घेरे में बैठक लेनी पड़ी। बैठक के बाद जमीनी कार्यकर्ता अपने आपको ठगा महसूस कर रहा है।



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गौरेला नपं अध्यक्ष तीन भाजपा पार्षदों के साथ कांग्रेस में शामिल।


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