1300 कोरोना मरीजों के हाथ में बंधेगा रक्षासूत्र, दवाई-मिठाई भी , August 03, 2020 at 06:06AM

रक्षाबंधन पर सोमवार को राजधानी के अस्पताल में भर्ती 1300 से ज्यादा कोरोना मरीजों को सुबह दवा के साथ दुआओं का रक्षासूत्र (राखी), मिठाई और एक चिट्ठी दी जाएगी। काेराेना मरीजों के कलाई पर रक्षासूत्र बांधा जाएगा।
चिट्ठी के माध्यम से उनसे अपील की जा रही है कि उनकी सेवा और सुरक्षा में हजारों लोग लगे हुए है, जो बिना रुके और थके लगातार सेवा कर रहे है। उनके बताए बातों और दिए आदेश का पालन करें। जैसा बताया जा रहा है चाहे वह रहने, खाने या आने-जाने से संबंधित हो। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। कोरोना को हराने के बाद स्वस्थ होकर घर लौटाने के बाद भी लगातार सावधानी बरतें और अपने व परिवार का ध्यान रखें। जिला प्रशासन ने निजी संस्था के माध्यम से कोरोना मरीज और वारियर्स को रक्षासूत्र बांधने का फैसला किया है। क्योंकि कोरोना ने मरीजों और वारियर्स को अपनों से ही दूर कर दिया है। जहां लोग अनजाने मे संक्रमित हो गए और उन्हें अकेले रहना पड़ रहा है, वहीं कोरोना को रोकने के लिए सैकड़ों लोग जुटे हैं, जो खुद भी संक्रमित हो गए हैं।
गोबर से बनी राखी, 3000 लोगों को रक्षा पत्र भी : जिला प्रशासन, पुलिस, पंचायत, व्यापारिक संस्था कैट, परोपकार फाउंडेशन और कल्पतरु बिहरा महिला समूह की मदद से राखी पर बड़ा आयोजन कर रही है। मरीजों को सहायता समूह द्वारा बनाई गई गोबर, चांवल और लकड़ी की राखी भेजी जा रही है। यह राखी समूह की महिलाओं ने तैयार की है। इसमें स्वदेशी चीजों का उपयोग किया है। वहीं कोरोना में ड्यूट कर रहे स्वास्थ्य विभाग का अमला, प्रशासन, पुलिस, पंचायत, निगम, सफाई कर्मचारियों समेत 3000 से ज्यादा कोरोना वारियर्स को राखी के साथ रक्षापत्र भेजा जा रहा है। इसमें उनके काम और सेवा के लिए आभार व्यक्त किया जा रहा है।

राखी में इस बार उपहारों का ट्रेंड बदला मास्क और सेनिटाइजर के भी बने पैकेट
राज्य बनने के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब इस बार चीनी राखियों के बजाय स्वदेशी राखियों से बाजार सजे हैं। लेकिन सोना, चांदी, कपड़े, श्रृंगार, जूता, चप्पल समेत सभी तरह की दुकानें बंद होने की वजह से करोड़ों का कारोबार भी प्रभावित हो गया है। छत्तीसगढ़ कैट और चैंबर का दावा है कि रायपुर में इस बार राखी में ही 50 करोड़ से ज्यादा कारोबार प्रभावित हो गया है। हर साल सोने-चांदी की राखियों की भी डिमांड बनी रहती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया। इधर दूसरी ओर राखियों में बहनों को दिए जाने वाले गिफ्ट का ट्रेंड भी बदल गया है। भाइयों और परिवार वालों की ओर से राखी गिफ्ट के तौर पर सेनिटाइजर, मास्क, हैंडवॉश, हर्बल टी, साबुन के गिफ्ट हैंपर के साथ ही सूखी चीजें जैसे मेवा, चॉकलेट, बेकरी आइटम आदि दिए जा रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से कारोबारियों ने बाहर से स्टॉक मंगवाया ही नहीं।



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दुर्ग पुलिस भेजेगी राखी और मास्क।


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