15 साल से चल रहे उद्योगों की जमीन अब होगी फ्री-होल्ड, चार विभाग मिलकर अनुपयोगी भूमि को करेंगे विकसित , August 21, 2020 at 05:43AM

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक भूमि पर लीज पर लगातार 15 साल से जमे उद्योंगो की जमीन फ्री-होल्ड की जाएगी। वहीं प्रदेश की अनुपयोगी जमीनों को विकसित करने का जिम्मा चार अलग-अलग विभागों को दिया गया है। गुरुवार को हुई भूपेश कैबिनेट की बैठक में 33 अलग-अलग बिंदुओं पर चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि 25 अगस्त से विधानसभा का मानसून सत्र शुरु हो रहा है। इसमें प्रथम अनुपूरक पेश किया जाएगा। जिसमें जल जीवन मिशन, मेडिकल कालेज की स्थापना, कोरोना से निपटने , अंग्रेजी स्कूलों के संचालन, किसान न्याय योजना के लिए राशि का प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि प्रबंधन नियम 2015 लागू है जिसमें उद्योग लीज पर जमीन लेकर उत्पादन करते हैं। अब सरकार 2019 का नया नियम लागू करने जा रही है जिसमें यदि 15 साल पुराने उद्योग को फ्री होल्ड किया जाएगा लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि वह लगातार 15 साल से उत्पादन कर रहा हो और शासन के पास कोई देय राशि न हो, जमीन का कोई विवाद न हो। उन्होंने यह भी बताया कि फ्री-होल्ड के बाद उद्योगपति उसका लैंडयूज चेंज नहीं कर पाएगा।

एर्राबोर शिविर में मारे गए 32 ग्रामीणों के परिजन को चार-चार लाख की मदद

  • छत्तीसगढ़ी को 8वीं अनुसूची में लेने केंद्र से अनुरोध करेंगे।
  • बस्तर विवि का नाम शहीद महेंद्र कर्मा के नाम से करने विधेयक
  • एससी, एसटी व आेबीसी आयोग में अब अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 6 सदस्य होंगे। जब तक सरकार तब तक पद पर रहेंगे।
  • भंडार क्रय नियम में भी संशोधन कर स्थानीय यूनिटों को महत्व दिया जाएगा।
  • एर्राबोर राहत शिविर में मारे गए 32 ग्रामीणों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता
  • भाड़ा नियंत्रण अभिकरण में दो सदस्यों में से कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जा सकेंगे।
  • राजनीतिक दलों के लिए कार्यालय भवन के डिमांड आधारित निर्णय लेने के लिए नीति
  • प्राथमिक सहकारी समितियों के विधेयक में परिवर्तन की मंजूरी
  • लोक सेवा गारंटी में में अब आवेदन की तिथि भी होगी।
  • विधायकों का यात्रा भत्ता अब 8 लाख औैर पूर्व सदस्यों के लिए का चार लाख किया गया।
  • निजी स्कूल के फीस नियामक आयोग के लिए विनियमन विधेयक
  • केन्द्र से जीएसटी की राशि की मांग नहीं देने पर राज्य का कर लागू करने की अनुमति मांगी

जिला और जनपद पंचायतों को और ज्यादा अधिकार देने सरकार ने समिति गठित की
राज्य में पंचायतीराज संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग में जिला और जनपद पंचायतों को ज्यादा अधिकार संपन्न बनाया जाएगा। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आज आठ सदस्यीय समिति गठित कर दी है।सरकार समिति के प्रस्तावों के मूल्यांकन के बाद इन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को लागू करने की तैयारी में है।
पंचायत मंत्री टी.एस. सिंहदेव के अनुमोदन के बाद विभाग ने विशेष सचिव एवं संचालक, पंचायत की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी है। आयुक्त मनरेगा, राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक, विकास आयुक्त कार्यालय के वित्त नियंत्रक तथा मंत्री द्वारा नामांकित दो जिला पंचायत अध्यक्षों और दो जनपद पंचायत अध्यक्षों को समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति पंचायतों को मिलने वाली राशि, योजनाओं की स्वीकृति, व्यय और मानिटरिंग व्यवस्था की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट देगी।



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कैबिनेट की मीटिंग से पहले सीएम भूपेश बघेल सहित मंत्रियों ने शपथ ली।


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