20 साल बाद भी पेंशन स्वीकृति के लिए एमपी के भरोसे छग के कर्मचारी , August 07, 2020 at 05:54AM

राज्य गठन के 20 साल बाद भी छत्तीसगढ़ सरकार राज्य विघटन विधेयक की धारा 49 को नहीं हटाने के कारण प्रदेश के सेवा निवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों को पेंशन के निराकरण के लिए मध्यप्रदेश की ओर निहारना पड़ता है। प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक प्रश्न करते है छत्तीसगढ़ राज्य पूर्ण रूप से अस्तित्व में न आकर 98 प्रतिशत ही राज्य का दर्जा प्राप्त कर पाया है।

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने तत्काल रायपुर में पेंशन मुख्यालय बनाए जाने की मांग मुख्यमंत्री से की है। प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार झा, जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खान ने बताया है कि प्रदेश के 28 जिलों के कोषालय अधिकारी आज भी सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय कर्मियों के पेंशन प्रकरण भोपाल मुख्यालय में स्वीकृति के लिए भेजने मजबूर हैं। जहां इनकी स्वीकृति में 3-4 माह का समय लगता है।

इससे सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद आर्थिक परेशानी से शासकीय सेवक व उनके परिजनों को संघर्ष करना पड़ता है। इसका मुख्य कारण छत्तीसगढ़ राज्य के बंटवारे के बाद राज्य का स्वयं का पेंशन मुख्यालय स्थापित नहीं हो पाया है। इसलिए पूरे प्रदेश के लिए जिला कोषालय रायपुर को नोडल अधिकारी बना दिया गया है। यहां कार्य बोझ अधिक होने के कारण अधिकारी कर्मचारी परेशान है।



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