होम आइसोलेशन वाले मरीजों की पुलिस स्वास्थ्य व निगम कर्मियों की मदद से ट्रेकिंग, 25 हजार तक बढ़ाए जाएंगे बेड , August 02, 2020 at 06:06AM

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि होम क्वारेंटाइन की तरह होम आइसोलेशन को भी प्रदेश में सफलता मिलेगी। इसके लिए मरीजों की ट्रेकिंग करनी होगी। मोबाइल से उनके लोकेशन पर नजर रखनी होगी और इस काम के लिए पुलिस, स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नगर निगम के कर्मियों को इनकी जिम्मेदारी देनी होगी।
सीएम ने एम्स रायपुर सहित प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के डाक्टरों से चर्चा कर रहे थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीएम ने होम आईसोलेशन के संबंध में कहा कि लोगों में विश्वास होना चाहिए कि जरूरत पड़ने पर उन्हें डॉक्टरों की सलाह और इलाज की सुविधा उपलब्ध मिलेगी। इस दौरान उन्होंने अस्पतालों में भर्ती मरीजों स्वस्थ हो चुके मरीज, मरीजों में सामान्यतः दिखने वाले लक्षणों, ट्रीटमेंट के प्रोटोकाल, आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या, टेस्टिंग आदि की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से यह भी पूछा यदि उन्हें कोई दिक्कत है, तो बताएं उनका समाधान किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने बताया कि जो जवान बाहर से आ रहे हैं उन्हें आईसोलेशन में रखा जा रहा है और सोमनी में एक आईसोलेशन सेंटर जवानों के लिए हैण्डओवर किया जा रहा है।
जिनकी मौत उन्हें दूसरी बीमारियां थी: नागरकर- एम्स के निदेशक डॉ. नितिन एम नागरकर ने बताया कि एम्स में अब तक 1452 मरीज भर्ती हुए जिनमें से 1086 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। जिन मरीजों की मृत्यु हुई है उन मरीजों को पहले से ही कैंसर, रीनल फेल्वर, अनियंत्रित डायबिटीज और टीबी जैसी गंभीर बीमारियां थी। उनकी इम्युनिटी कम थी। अभी वर्तमान में 339 मरीज भर्ती हैं, एम्स में मरीजों के लिए 500 बिस्तरों की व्यवस्था है। हाल ही में मरीजों की संख्या बढ़ी है, उनके लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मोर्टेलिटी रेट 1% से भी कम है।
सर्दी-खांसी, बुखार की जांच कराएं : सीएम ने कहा कि लोगों को जागरूक करना होगा कि यदि उनमें सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण दिखे तो जांच अवश्य कराएं। होम आईसोलेशन वाले मरीजों के
पास थर्मामीटर और आक्सीमीटर होना चाहिए।

25 हजार तक बढ़ाए जाएंगे बेड
कोरोना केयर सेंटर्स में 6402 बेड बढ़ाए जाएंगे। इससे मरीजों के इलाज में सुविधा होगी। वर्तमान में हल्के व बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए 157 कोरोना केयर सेंटर में 18598 बेड है। प्रदेश के 29 कोरोना अस्पतालों में 3384 बेड है। गंभीर मरीजों के लिए 479 वेंटिलेटर के साथ 445 आईसीयू व 296 एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बेड हैं। 166 विभागीय क्वारेंटाइन सेंटर्स में भी 4301 बेड हैं। रायपुर व बिलासपुर के कुछ निजी अस्पतालों में इलाज की अनुमति दी गई है। प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 9294 हो गई है। एक्टिव केस 3008 से ज्यादा है। जबकि 6230 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। लगातार मरीज बढ़ने के कारण अंबेडकर अस्पताल, एम्स, माना कोविड अस्पताल में बेड पैक होने लगे हैं। यही कारण है कि काेरोना केयर सेंटर में बेड बढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बेड बढ़ने से एम्स, अंबेडकर व माना में मरीजों का दबाव कम होगा।
सिम्स बिलासपुर में आरटीपीसीआर जांच
सिम्स बिलासपुर में आरटीपीसीआर किट से काेरोना की जांच शनिवार को शुरू हो गई। सिम्स के अलावा राजनांदगांव व अंबिकापुर में आरटीपीसीआर जांच की अनुमति मिल गई है। इन तीन नए संस्थानों को मिलाकर अब आरटीपीसीआर जांच लैब की संख्या सात हो गई है। यह जांच की सबसे विश्वसनीय विधा है।
3.23 लाख सैंपलाें की जांच पूरी
प्रदेश में 1 अगस्त तक 3 लाख 23 हजार 692 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। आरटीपीसीआर से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दो लाख 69 हजार 627, ट्रू नाॅट मशीन से 22 हजार 525 व एंटीजन किट से 31 हजार 540 सैंपलों की जांच की गई है। निजी लैब में भी 1200 से ज्यादा सैंपलों की जांच हो चुकी है।

कोरोना रोकने सरकार में तालमेल नहीं: भाजपा
प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार को फेल बताते हुए कहा कि सरकार के पदाधिकारियों में तालमेल नहीं है इसलिए आम आदमी कोरोना को भुगत रहा है । लॉकडाउन में शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित करने पर कहा कि ये दुर्भाग्यजनक है, सरकार खुद ही नियम बना रही और अब खुद ही नियमों को तोड़ रही है। सरकार कोरोना संक्रमण के लिए लोगो को आमंत्रित कर रही है। लोगों पर अपराध दर्ज किया जा रहा, लेकिन इन पर कौन दर्ज करेगा।



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Trekking of patients with home isolation with the help of police health and corporation personnel, beds will be increased to 25 thousand


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